
अहमदाबाद. राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने मुन्द्रा बंदरगाह से ब्रास कबाड़ बताकर कस्टम ड्यूटी चोरी का पर्दाफाश किया। डीआरआई टीम ने डेढ़ करोड़ रुपए की तस्करी का माल जब्त किया।
डीआरआई अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि जामनगर की देवांशी मेटल्स कंपनी फर्जी कागजातों के जरिए मुन्द्रा बंदरगाह से कन्टेनरों में ब्रास की नई वस्तुएं बताकर बड़े पैमाने पर तस्करी प्रयास कर रही है। बाद में डीआरआई अधिकारियों ने दुबई के जाबेल अली बंदरगाह से जानकारी एकत्रित की, जिसमें सामने आया कि आयातक आयात दस्तावेजों में ब्रास कबाड़ बताकर ब्रास की नई वस्तुएं मंगाता था। गत दिवस जब मुन्द्रा बंदरगाह पर यह माल आया तो उसके दस्तावेजों की अधिकारियों ने जांच की, जिसमें फर्जी दस्तावेज के जरिए माल की तस्करी करने मामला सामने आया।
उधर, कन्टेनर की तलाशी लेने पर उसमें से अधिकारियों को ब्रास के स्क्रू, रोड्स, स्ट्रीप्स, नट और बोल्ट इत्यादि मिले, जिसका बाजार मूल्य 1.5 करोड़ रुपए आंका गया। फिलहाल विशेष जांच और खुफिया ब्रांच, सीमा शुल्क, मुन्द्रा मामले की जांच कर रही है।
मुंबई एयरपोर्ट से विदेशी मुद्रा की तस्करी
राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) - अहमदाबाद की टीम ने मुंबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से 1.75 करोड़ की विदेशी मुद्रा की तस्करी का पर्दाफाश किया। यह विदेशी मुद्रा दुबई भेजी जा रही थी। डीआरआई ने विदेशी मुद्रा तस्करी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
डीआरआई अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि मुंबई का सोना तस्करी गिरोह भारत से दुबई के लिए बड़े पैमाने पर विदेशी मुद्रा की तस्करी कर रहा है, जो एमीरेट्स फ्लाइट से विदेशी मुद्रा की तस्करी के लिए कैरियर के तौर पर निजामुद्दीन शेख, शेख मोइन मोहम्मद एवं अनाम शेख यह राशि ले जाने को एकत्रित हुए। इन लोगों अपने चैक इन बैग ऑर्गेनिक हार्वेस्ट क्रीम कैन में और पैन्ट के पाकेट में यह राशि छिपाई थी। आरोपियों में शामिल हैं। डीआरआई-अहमदाबाद की टीम ने इसकी जानकारी मुंबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की एयर एन्टेलिजेंस यूनिट को दी थी। जब ये तीन लोग उड़ान में सवार होने पहुंचे थे तभी एन्टेलिजेंस की टीम पहुंच गई और उनकी पूछताछ शुरू की। पहले तो उन लोगों ने विदेशी मुद्रा ले जाने से इनकार कर दिया। बाद में एन्टेलिजेंस के अधिकारियों ने उन लोगों की चैक इन बैग के साथ अलग-अलग तलाशी ली, जिसमें यात्रियों से 2.75 लाख यूएस डॉलर बरामद किए, जिसकी राशि 1.75 करोड़ रुपए है। यह राशि आर्गेनिक हाइवेस्ट क्रीम कैन और पैन्ट में छिपाई गई थी। विदेशी मुद्रा से ये लोग दुबई से सोना खरीदकर लाते थे। प्रत्येक कैरियर को हर फेरे के 20 -20 हजार रुपए देने का वादा किया गया था।
Published on:
18 Jan 2018 10:28 pm
बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
