
अहमदाबाद. राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने मुन्द्रा बंदरगाह से कार टायरों की तस्करी का पर्दाफाश किया। डीआरआई ने एक करोड़ से ज्यादा के कार टायर जब्त किए।
डीआरआई-जोनल यूनिट अहमदाबाद के अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि गांधीधाम की कंपनी सिद्धार्थ इम्पेक्स पर्यावरण एवं वन विभाग के मंत्रालय एवं विदेश नीति को दरकिनार कर मुन्द्रा बंदरगाह से 40 फीट कन्टेनर में पुराने और उपयोगी कार टायरों की तस्करी का प्रयास कर रही है। ये कन्टेनर रोटरडम और नीदरलैण्ड से लाए जा रहे हैं। भारतीय मानक ब्यूरो के निर्धारित मानकों से आयात नीति के मुताबिक टायर होने चाहिए। पुराने और उपयोगी टायरों को आयात करने से पहले पर्यावरण एवं वन विभाग की अनुमति लेनी होती है। पुराने और उपयोगी टायर केवल कबाड़ में लाए जा सकते हैं, लेकिन उनके दो से तीन कटिंग के बाद ही सीमा शुल्क विभाग से क्लीयरंस लिया जा सकता है। यह कंपनी फर्जी दस्तावेज तैयार कर टायरों को मंगा रही थी। इसके चलते डीआरआई ने मुन्द्रा बंदरगाह पर निगरानी की। जब कन्टेनर मुन्द्रा बंदरगाह पर पहुंचे थे डीआरआई टीम ने इसकी सूचना विशेष जांच एवं खुफिया विभाग, कस्टम-मुन्द्रा को दी। जब कन्टेनर को खोला गया तो उसमें पुराने और उपयोगी टायर मिले। विशेष जांच और खुफिया विभाग-, कस्टम-मुन्द्रा ने जखीरा जब्त कर लिया, जिसकी लागत एक करोड़ रुपए थी।
कोरियर पार्सल से तस्करी
राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई)- अहमदाबाद ने हाल ही में खोडियार स्थित इनलैण्ड कन्टेनर डिपो (आईसीडी) से आवासीय माल के स्थानांतरण की आड़ में कोरियर पार्सलों की तस्करी का पर्दाफाश किया है।
डीआरआई को जानकारी मिली थी कि लंदन का तस्करी सिंडिकेट नवसारी में अपने साथियों के साथ आवासीय माल के स्थानांतरण की आड़ में कोरियर पार्सलों की तस्करी में शामिल है। यह भी जानकारी मिली थी कि गिरोह ने युनाइटेड किंगडम के पोर्ट ऑफ फेलिक्सटव से खोडियार स्थित इनलैण्ड कन्टेनर डिपो (आईसीडी) पर उपयोगी घरेलू सामान और पर्सनल इफेक्टस बताकर अलग-अलग वस्तुओं 17 मीट्रिक टन से ज्यादा के कोरियर पार्सल 40 फीट कन्टेनर में मंगाई जा रहे हैं। बाद में डीआरआई अधिकारियों ने आईसीडी-खोडियार पर कन्टेनरों तक निगरानी की। जब कन्टेनर वहां पहुंचे तो डीआरआई टीम ने इसकी सूचना डिप्टी कमिशनर-सीमा शुल्क को दी।
कन्टेनरों की तलाशी में कोरियर पार्सल के साथ 700 बैग और बॉक्स मिले। प्रत्येक बैग और बॉक्स पर कोरियर पार्सल प्राप्त करने वालों के नाम, पता, मोबाइल समेत जानकारी मिली थी। इन बैगों में शूज, लैडीज सैण्डल, चोकलेट, घडिय़ां, ड्राय फ्रुट्स, कॉस्मेटिक्स वस्तुएं, गारमेन्ट समेत सामान था। जांच के दौरान अधिकारियों को मालूम हुआ कि यह मामल हाजराबीबी अब्दुल अजीज भामजी के नाम था, लेकिन यह माल उनका नहीं बल्कि नवसारी निवासी सलीम का था। जो कोरियर कारोबार से जुड़ा है।
इंग्लैण्ड से भारत के बीच यात्रा करने वाले कई यात्रियों के पासपोर्ट की रंगीन कॉपियां तस्करों ने स्कैन कर ली थी। इसके लिए पांच हजार से दस हजार रुपए भी भुगतान कर रहे थे। बाद में उन यात्रियों के नाम से आवासीय माल स्थानांतरण बताकर तस्करी करते थे। फिलहाल डीआरआई अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
Published on:
07 Feb 2018 08:39 pm
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