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राजकोट में एक ही परिवार के बुजुर्ग दंपती और पुत्र ने खाया जहर, मौत

राजकोट. शहर के साधु वासवाणी रोड स्थित अंजता पार्क में रहने वाले खख्खर परिवार के बुजुर्ग दंपती और उनके पुत्र ने सोमवार शाम को जहर खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से सेवानिवृत्त कर्मचारी दिलीप खख्खर (72), पत्नी स्मिता (65) और पुत्र निशीत (32) ने सोमवार शाम अपने घर में जहर खा लिया। तीनों को तत्काल राजकोट सिविल अस्पताल ले जाया गया। उपचार शुरू होते ही स्मिता की मौत हो गई। रात 8.45 बजे पति और रात 9.30 बजे पुत्र ने भी दम तोड़ दिया।
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Elderly Couple and Son from Same Family Die After Consuming Poison in Rajkot

मृत स्मिता, निशीत और दिलीप खख्खर। (फाइल फोटो)

आर्थिक संकट और कर्ज की वसूली से परेशान होकर सामूहिक आत्महत्या करने की आशंका

राजकोट. शहर के साधु वासवाणी रोड स्थित अंजता पार्क में रहने वाले खख्खर परिवार के बुजुर्ग दंपती और उनके पुत्र ने सोमवार शाम को जहर खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से सेवानिवृत्त कर्मचारी दिलीप खख्खर (72), पत्नी स्मिता (65) और पुत्र निशीत (32) ने सोमवार शाम अपने घर में जहर खा लिया। तीनों को तत्काल राजकोट सिविल अस्पताल ले जाया गया। उपचार शुरू होते ही स्मिता की मौत हो गई। रात 8.45 बजे पति और रात 9.30 बजे पुत्र ने भी दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, जहर खाने के बाद निशीत ने अपने एक मित्र को इस बारे में जानकारी दी। मित्र ने तत्काल परिवार के अन्य सदस्यों को सूचित किया, जिसके बाद तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल चौकी से सूचना मिलने पर यूनिवर्सिटी पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक सी.एन. दवे और उनकी टीम अस्पताल पहुंची। प्रारंभिक जांच के अनुसार, दिलीप 2013 में पीडब्ल्यूडी से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके दो पुत्र में से बड़े बेटे की वर्ष 2018 में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद निशीत ही परिवार का एकमात्र सहारा था। निशीत गोल्ड लोन सहित वित्तीय कार्यों से जुड़ा था।

कर्ज की वसूली के लिए फोन आने के बाद उठाया कदम

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा था। उन्होंने किसी से उधार या ब्याज पर रुपए भी लिए थे। सोमवार दोपहर में किसी व्यक्ति का कर्ज की वसूली के लिए फोन आया था। इसके बाद शाम को निशीत ने माता-पिता के साथ यह कदम उठाया।

सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ

परिजनों के अनुसार, घर से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। फिलहाल पुलिस आर्थिक संकट को प्राथमिक कारण मानकर कार्रवाई कर रही है। हालांकि, निशीत के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

रघुवंशी समाज के नेताओं ने की जांच की मांग

रघुवंशी समाज के युवा नेता के.डी. रघुवंशी, प्रदीप रघुवंशी और अन्य कार्यकर्ता सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष पहुंचे। के.डी. रघुवंशी ने बताया कि निशीत के बैंक खाते में 90 हजार रुपए की एक क्रेडिट एंट्री हुई थी। यह राशि किसने और किस कारण भेजी, इसकी जांच जरूरी है। साथ ही दोपहर में कर्ज की वसूली के लिए फोन करने वाले की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय पुलिस निष्पक्ष और प्रभावी जांच नहीं करती है, तो मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी जाए। वहीं, प्रदीप रघुवंशी ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर मामला सूदखोरों के उत्पीड़न और आर्थिक तंगी से जुड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने पुलिस से दोषियों के खिलाफ तत्काल और उदाहरण प्रस्तुत करने वाली सख्त कार्रवाई करने तथा इस मामले को हल्के में न लेने की मांग की।

एक साथ तीन अर्थियां उठने से लोगों की आंखें हुईं नम

मंगलवार को एक साथ तीन अर्थियां उठने का दृश्य देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान परिजनोंं का रुदन फूट पड़ा।