
अहमदाबाद. इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन(इसरो)-अहमदाबाद के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (सैक) में गुरुवार को आग लग गई। देश के अतिमहत्वपूर्ण संस्थान में आग की घटना को गंभीरता से लेते हुए फायरब्रिगेड के २६ वाहनों के साथ पहुंची टीम ने आग पर काबू पाया। जिला कलक्टर समेत उच्च अधिकारियों का काफिला भी मौके पर पहुंचा। आग के कारणों की जांच के लिए विविध संस्थाएं जांच में जुटी हुई हैं।
इसरो परिसर के सैक में ३७ नंबर के रिसर्च सेंटर में दोपहर को अचानक आग लग गई। सूचना पर तत्काल इसरो परिसर के बाहर फायरफाइटर समेत २६ वाहनों पहुंचे। दो घंटे की मशक्कत से आग पर काबू पाया जा सका। सैक में थर्मोकॉल के कारण आग फैल गई। वहां कुछ मशीनेें भी चपेट में आने की जानकारी है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी हो सकती है। हालांकि स्पष्ट कारणों की जांच की जा रही है।
देश के महत्वपूर्ण संस्थानों में शामिल इसरो-अहमदाबाद में आग लगने की गंभीरता को ध्यान में रखकर जिला कलक्टर विक्रांत पांडे भी मौके पर पहुंचे। फायरब्रिगेड के एडीश्नल चीफ ऑफिसर राजेश भट्ट ने आग की यह मेजर काल थी। उन्होंने कहा कि एन्टेना टेस्टिंग लेब में आग लगी थी।
इस संबंध में जानकारी पाकर अहमदाबाद के जिला कलक्टर विक्रान्त पांडे, मनपा आयुक्त मुकेश कुमार एवं पुलिस आयुक्त इसरो में पहुंचे। आग की गंभीरता को ध्यान में रखकर इमरजेंसी सेवा १०८ की एम्बुलेंस के अलावा निजी अस्पताल की एम्बुलेंस भी यहां देखी गई। हालांकि आग के कारण किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। फिर भी एक सुरक्षा कर्मी को दम घुटने जैसी तकलीफ हुई जिसे उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया।
उधर, इसरो के सैक निदेशक तपन मिस्रा ने बताया कि इसरो परिसर में आग लगी है, हालांकि इससे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। किसी को चोट भी नहीं पहुंची है। उनके अनुसार सीआईएसएफ के एक जवान को सांस लेने में कुछ दिक्कत हुई थी, उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया।
Published on:
03 May 2018 09:38 pm
बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
