
गांधीनगर के कुडासन में निर्माणाधीन इमारत का स्लैब गिरने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीमें। (फोटो सोर्स-IANS)
Gandhinagar accident:गुजरात के गांधीनगर के कुडासन इलाके में निर्माणाधीन इमारत का स्लैब गिरने की घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल से बात की। हादसे की जानकारी मिलते ही उन्होंने राहत और बचाव कार्य की स्थिति जानी और मलबे में फंसे मजदूरों के बारे में जानकारी ली। कई घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी 15 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे में किसी की मौत की खबर नहीं है।
कुडासन में एक निर्माणाधीन इमारत में स्लैब डालने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक स्लैब का एक हिस्सा नीचे आ गिरा। उस वक्त वहां कई मजदूर काम कर रहे थे। अचानक मलबा गिरने से कुछ मजदूर उसके नीचे फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव का काम शुरू किया।
रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फंसे मजदूरों तक सुरक्षित तरीके से पहुंचने की थी। टीमों ने सावधानी से मलबा हटाया और एक-एक कर मजदूरों को बाहर निकाला। कई घंटे की कोशिश के बाद 15 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया। इनमें 12 मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। वहीं, तीन मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
घटना के बाद अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल से बात कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने बचाव अभियान की स्थिति और घायलों को दिए जा रहे इलाज के बारे में भी पूछा। अमित शाह ने कहा कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि सभी घायल मजदूरों को सुरक्षित निकालकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। साथ ही उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की।
उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी भी घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां चल रहे राहत और बचाव अभियान का जायजा लिया और अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। फायर अधिकारी राजेश पटेल ने बताया कि बचाव दल मौके पर मौजूद रहा और मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए लगातार काम किया गया।
स्थानीय विधायक अल्पेश खोडाजी ठाकोर भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि हादसा हुआ है और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। शुरुआती दौर में मलबे के नीचे कितने लोग फंसे हैं, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं थी। हालांकि, बाद में बचाव दल ने सभी 15 मजदूरों को बाहर निकाल लिया।
अब प्रशासन के सामने घायलों के इलाज के साथ-साथ हादसे की वजह पता करने की जिम्मेदारी है। निर्माणाधीन इमारत में काम के दौरान सुरक्षा के इंतजाम कैसे थे, इसकी भी जांच की जाएगी। हादसे ने निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। अधिकारियों की जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि स्लैब गिरने की असली वजह क्या थी और सुरक्षा नियमों का कितना पालन किया जा रहा था।
Updated on:
10 Sept 2026 11:41 am
Published on:
10 Sept 2026 11:28 am
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