
Ahmedabad : गांधीनगर सिविल अस्पताल ने पांच सौ बच्चों को दी आवाज
अहमदाबाद. गांंधीनगर स्थित सिविल अस्पताल में कोकलियर इम्पलांट के माध्यम से लगभग पांच सौ बच्चों को आवाज मिली है। जिन बच्चों को ऑपरेशन के माध्यम से आवाज मिली है उन्होंने मंगलवार को विश्व श्रवणशक्ति दिवस के उपलक्ष्य में संगीत में अपनी प्रतिभा दिखाई। यदि इन बच्चो ंका ऑपरेशन नहीं हुआ होता तो शायद ये संगीत को कभी समझ ही नहीं पाते। इस आयोजन में तारा फाउंडेशन की भी अहम भूमिका रही।
राज्य के स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त निदेशक डॉ. नीलम पटेल ने बताया कि जन्म लेने वाले हर एक हजार बच्चों में से चार को सुनने की खामी होती है। यही कारण है कि भारत में मूकबधिरता दूसरी सबसे बड़ी विकलांगता की श्रेणी में आती है। जो बच्चा जन्म से ही सुन नहीं पाता है वह बोलने में भी असमर्थ रहता है क्योंकि आवाज उसके दिमाग तक नहीं पहुंच पाती है। उन्होंने बताया कि यदि इस तरह के बच्चों को समय रहते उपचार करवाया जाए तो वे आम बच्चों की तरह हो सकते हैं। इसके लिए राज्य सरकार स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के अन्तर्गत निशुल्क कोकलियर इम्पलांट करवाती है। इस सर्जरी में निजी अस्पतालों में सात से आठ लाख रुपए तक का खर्च होता है लेकिन राज्य में तय किए गए विविध सेंटरों में यह निशुल्क होती है।
हियरिंग टैस्ट जरूरी
गांधीनगर स्थित सिविल अस्पताल की ईएनटी सर्जन डॉ. नीरज सुरी ने बताया कि जन्म के बाद हर बच्चे का हियरिंग टैस्ट करवाना जरूरी है ताकि उसकी क्षमता के बारे में पता चल सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कल्याण योजना के अन्तर्गत मंगलवार को यह दिन मनाया गया। जिसमें उन बच्चों ने भाग लिया जिनका कोकलियर इम्पलांट करवाया था। इस कार्यक्रम में हनुमान चालीसा, श्लोकगान, संगीत आदि का आयोजन किया गया। जिसमें तारा फाउंडेशन की भी अहम भूमिका रही।
Published on:
03 Mar 2020 09:38 pm
बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
