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Bullet train: साबरमती व ठाणे डिपो बनेंगे हरित डिपो

बुलेट ट्रेन परियोजना

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साबरमती व ठाणे डिपो बनेंगे हरित डिपो

अहमदाबाद. मुंबई से अहमदाबाद के बीच दौडऩे वाली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में साबरमती और ठाणे स्टेशन पर जल संचय और संरक्षण के लिए हरित डिपो बनाए जाएंगे। इनके अलावा सूरत में भी एक डिपो बनेगा, जहां जापान से आने वाली ट्रेनें रखी जाएंगी।
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अतिरिक्त महाप्रबंधक (कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन) सुष्मा गौर ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड कोरिडोर के लिए एनएचएसआरसीएल की ओर से रखरखाव के लिए तीन डिपो बनेंगे, जिसमें गुजरात में साबरमती, सूरत और महाराष्ट्र के ठाणे में तीन डिपो बनेंगे। जिसमें साबरमती सबसे बड़ा डिपो होगा। साबरमती डिपो सबसे बड़ा डिपो होगा, जो 80 हेक्टेयर में बनेगा। यह ऐसा डिपो होगा, जिसमें इंस्पेक्शन बे, वॉशिंग डिपो, वर्कशॉप, शेड्स, स्टेबलिंग लाइन सहित ट्रेनों का नियमित रखरखाव होगा। इस डिपो में ही मुंबई-अहमदाबाद के लिए ऑपरेशन कंट्रोल सेन्टर बनेंगे। इसके अलावा थाणे डिपो करीब 60 हेक्टेयर में बनेगा। यहां भी बुलेट ट्रेनों के रखरखाव की सुविधाएं होंगी।
इसके अलावा सूरत डिपो 44 हेक्टेयर में भूमि में बनेगा। जापान से आने वाली ट्रेनें यहां लाई जाएंगी और ट्रेनों के रखरखाव की मूलभूत सुविधाएं इस डिपो में होंगी। ये डिपो जापान में शिंकासेन के सेण्डाई व कानाझावा की तर्ज पर डिजाइन किए जा रहे हैं।
डिपो में पानी की जरूरत को ध्यान में रखते हुए डिपो एरिया में जल संचय किया जाएगा, जहां बारिश का जल संचय किया जाएगा और डिपो में बने ट्रीटमेन्ट प्लांट के जरिए जल शुद्ध किया जाएगा। साथ ही जमीन में जलस्तर बनाए रखने को रिचार्ज पिट भी बनाई जाएगी। वहीं सूरत और ठाणे के डिपो में रिसाइक्लिंग सुविधा होगा, जहां सीवेज वॉटर को शुद्ध किया जाएगा।
हरित डिपो में ये होंगी सुविधाएं
मौजूदा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिपो डिजाइन किए जाएंगे। डिपो में अलग-अलग तरीके से सुविधाएं विकसित की जाएंगी। ये डिपो कर्मचारियों के लिए सुरक्षित, आरामदायक और पर्याप्त तरीके से काम कर सकें ऐसा माहौल उपलब्ध कराया जाएगा। सोलर पैनल लगाई जा सकेंगी ऐसे शेड और बिल्डिंग डिजाइन की जाएंगी। डिपो में रिसावरहित पाइल लाइन होगी और फिटिंग होगी। इंडस्ट्रीयल वॉटर और वेस्ट वॉटर ट्रीटमेन्ट प्लांट लगाए जाएंगे।