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गुजरात एटीएस, एनसीबी टीम की भोपाल में दबिश, एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश

-1814 करोड़ की 907 किलो एमडी ड्रग्स बरामद, केमिकल-दवा बनाने की आड़ में 6 महीने से चल रही थी फैक्ट्री।

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ATS

भोपाल में दबिश के दौरान गुजरात एटीएस, एनसीबी की टीम।

गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीम ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) दिल्ली की टीम के साथ मिलकर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में दबिश देकर मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। फैक्ट्री से 907 किलो एमडी ड्रग्स बरामद की है ,जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1814 करोड रुपए है। मौके से दो आरोपियों को भी पकड़ा है।

गुजरात एटीएस के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सुनील जोशी ने बताया कि एटीएस के उपाधीक्षक एस.एल. चौधरी को खुफिया जानकारी मिली कि भोपाल, मध्य प्रदेश निवासी अमित चतुर्वेदी और महाराष्ट्र नासिक निवासी सान्याल बाने मिलीभगत से केमिकल-दवा बनाने की आड़ में मेफेड्रोन (एमडी) का निर्माण कर, उसकी बिक्री कर रहे हैं। दोनों ने मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बगरोडा एमपी औद्योगिक एस्टेट में किराए पर शेड लेकर फैक्ट्री शुरू की है। जहां नशीला पदार्थ तैयार किया जा रहा है।

इस सूचना की टीम ने जांच की, टेक्निकल और ह्यूमन इंटेलीजेंस के जरिए लंबे समय तक नजर रखने के बाद शनिवार को दिल्ली एनसीबी टीम के साथ मिलकर फैक्ट्री पर दबिश दी। फैक्ट्री की तलाशी के दौरान कुल 907.09 किलोग्राम मेफेड्रोन (ठोस और तरल) ड्रग्स मिली, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1814.18 करोड़ है। इसके अलावा मेफेड्रोन (एमडी) के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाला लगभग 5000 किलोग्राम कच्चा माल और बनाने वाले उपकरण, ग्राइंडर, मोटर, ग्लास फ्लास्क, हीटर मिले हैं। इन सभी को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।

मौके से दोनों मुख्य आरोपी गिरफ्तार

मौके से दोनों ही मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया है। इनमें अमित चतुर्वेदी ( 57) मध्यप्रदेश भोपाल में हुजूर सुल्तानाबाद रोड कोटरा का रहनेवाला है। सान्याल बाने (40), महाराष्ट्र ,नासिक में गंगापुर रोड स्थित प्रभु अटलांटिस निवासी है। आरोपी सान्याल बाने को इससे पहले वर्ष 2017 में अंबोली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 1 किलोग्राम मेफेड्रोन (एमडी) के मामले में गिरफ्तार किया था। 5 साल जेल में था। रिहा होने के बाद सह-अभियुक्त अमित चतुर्वेदी के साथ मिलकर मेफेड्रोन (एमडी) बनाने और बेचने की योजना बनाई।6-7 महीने से किराए पर लिया था शेडदोनों आरोपियों ने भोपाल के बगरोदा एमपी इंडस्ट्रियल एस्टेट करीब 6-7 महीने पहले किराए पर एक शेड लिया था। आरोपी इसका 30 हजार के करीब किराया दे रहे थे। आरोपियों ने करीब 3-4 महीने से एमडी ड्रग्स बनाने की शुरुआत की। यह शेड अनुमानित 2500 वर्ग मीटर में है।

एक ही दिन में 25 किलो ड्रग्स बनाने की क्षमता

गुजरात एटीएस की ओर से अब तक पकड़ी गई फैक्टि्रयों में सेे यह सबसे बड़ी ड्रग्स फैक्ट्री है। यहां एक दिन में लगभग 25 किलोग्राम मेफेड्रोन (एमडी) का उत्पादन करने की क्षमता है। आरोपी सान्याल बाने को ड्रग्स बनाने की जानकारी है। आरोपियों ने कहीं ड्रग्स भेजी है या नहीं उसकी जांच की जा रही है। आशंका है कि यह ड्रग्स महाराष्ट्र और राजस्थान के शहरों में भेजने के लिए तैयार की गई थी।

एनसीबी करेगी मामले की जांच

डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच एनसीबी की ओर से की जाएगी। आरोपियों की हिरासत और मुद्दामाल एनसीबी को सौंप दिया है। इस संबंध में एनसीबी ने प्राथमिकी भी दर्ज की है।

छह महीने में सात ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़

एटीएस ने बीते छह महीनों में ड्रग्स की सात फैक्ट्री का भंड़ाफोड़ किया है। इसमें जोधपुर ओशिया, भीनमाल, गुजरात में अमरेली, गांधीनगर, बारडोली, मुंबई भिवंडी और भोपाल की फैक्ट्री शामिल है। 2022 में वडोदरा सिंगरोट और मोक्सी गांव में दो फैक्टि्रयों का पर्दाफाश किया था।