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गुजरात सरकार ज्ञान सहायक योजना रद्द करे: गोहिल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को भी लिखे पत्र, कुछ भाजपा विधायक भी उठा चुके हैं यह मुद्दा

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गुजरात सरकार ज्ञान सहायक योजना रद्द करे: गोहिल

गुजरात सरकार ज्ञान सहायक योजना रद्द करे: गोहिल

अहमदाबाद. गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि राज्य के युवाओं का आर्थिक शोषण करने वाली ज्ञान सहायक योजना को रद्द किया जाना चाहिए। इस संबध में उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र भी लिखा है। इसे लेकर गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि राज्य का शिक्षा विभाग वैसे तो आए दिन शिक्षा संबंधी घोषणाएं कर रहा है, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने से लाभ के बदले हानि हो रही है। उन्होंने राज्य के स्कूलों में ज्ञान सहायक योजना के तहत भर्ती किए जाने से युवाओं का आर्थिक शोषण करने का भी आरोप लगाया।

5612 स्कूलों को छात्रों की कम संख्या के चलते बंद करने का आरोप

राज्यसभा सांसद ने कहा कि कुल 38000 सरकारी स्कूलों में से 5612 सरकारी स्कूलों को विद्यार्थियों की कमी कारण या तो बंद कर दिया गया है या अन्य स्कूल में मर्ज कर दिया गया है। 32 हजार शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त है। 33 जिलों में 1657 सरकारी स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। 14652 स्कूलों में एक क्लास में एक से ज्यादा कक्षा के विद्यार्थी पढ़ने को मजबूर हैं।

50 हजार युवा देख रहे हैं स्थायी भर्ती का सपनागोहिल के अनुसार लगभग 50 हजार युवक शिक्षक योग्यता परीक्षा (टैट) पास करने के बाद स्थायी भर्ती का सपना देख रहें हैं। सरकारी स्कूलों में ज्यादातर आर्थिक रूप से कमजोर तबके के विद्यार्थी पढ़ते हैं, लेकिन उन्हें शिक्षकों और वर्गखंड की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति का स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद अनुबंध पर भर्ती क्यों की जाती है।

गोहिल के मुताबिक कच्छ, अहमदाबाद, राजकोट, बनासकांठा, तापी, महीसागर और देवभूमि द्वारका समेत अनेक जिलों में 353 स्कूलों में एक ही शिक्षक है। हर वर्ष शाला प्रवेशोत्सव के नाम पर सरकारी खजाने से करोड़ों का खर्च होता है।