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Gujarat: गुजरात हाईकोर्ट का फैसला, जीत से पहले प्रत्याशी की मौत पर दूसरे स्थान वाला विजेता नहीं

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Gujarat:  गुजरात हाईकोर्ट का फैसला, जीत से पहले प्रत्याशी की मौत पर दूसरे स्थान वाला विजेता नहीं

Gujarat: गुजरात हाईकोर्ट का फैसला, जीत से पहले प्रत्याशी की मौत पर दूसरे स्थान वाला विजेता नहीं

अहमदाबाद. गुजरात हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि पंचायत या किसी भी अन्य चुनाव में यदि किसी उम्मीदवार की मतगणना से पहले मौत हो जाती है और वह विजेता बनता है तो ऐसी स्थिति में जो दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा मत प्राप्त करने वाले को विजेता घोषित नहीं किया जा सकता। चुनाव में यदि मृतक विजेता घोषित किया जाता है तो चुनाव आयोग के समक्ष उपचुनाव आयोजित करना ही एकमात्र विकल्प रहता है।
न्यायाधीश जे बी पारडीवाला व न्यायाधीश वैभवी नानावटी की खंडपीठ ने भाजपा उम्मीदवार और याचिकाकर्ता सोनलबा की याचिका खारिज करते हुए राज्य चुनाव आयोग से उपचुनाव आयोजित करने का निर्देश दिया।गत 28 फरवरी को साणंद तहसील पंचायत की पींपण सीट के चुनाव में विजेता निर्दलीय उम्मीदवार लीलाबेन ठाकोर की मतगणना से एक दिन पहले (पहली मार्च) मौत हो गई। इस संबंध में राज्य चुनाव आयोग का ध्यान दिलाया गया। लेकिन 2 मार्च को मतगणना हुई और मृतक उम्मीदवार को सबसे ज्यादा मत मिलने के कारण मृतक को विजेता घोषित किया गया। मृतक उम्मीदवार के बाद सबसे ज्यादा मत प्राप्त करने वाली भाजपा प्रत्याशी सोनलबा को विजेता घोषित किए जाने की गुहार आयोग ने नकार दी। इसके बाद सोनलबा ने गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मृतक उम्मीदवार को विजेता घोषित करने के परिणाम को रद्द कर उन्हें विजेता घोषित किए जाने की मांग की।