8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

GNLU : ‘ खर्चीली हैं मुकद्दमेबाजी’

Gujarat news, infrastrure, law, Gandhinagar, confernce, arbitrature: 'इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में विवादों के निपटारे का भविष्य'

less than 1 minute read
Google source verification
GNLU : ' खर्चीली हैं मुकद्दमेबाजी'

GNLU : ' खर्चीली हैं मुकद्दमेबाजी'

गांधीनगर. 'इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में विवाद के निपटारे के भविष्यÓ को लेकर अहमदाबाद स्थित अदाणी इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फ्रास्ट्रक्चर पीजीडीएम (लॉ) प्रोग्राम का अधिवेशन हुआ, जिसमें चार्टर इंस्टीट्यूट ऑफ आर्बिट्रेटर्स के अध्यक्ष ललित भसीन ने कहा कि हमारे देश में मुकद्दमेबाजी काफी खर्चीली है। वहीं लम्बे समय तक कार्रवाई भी चलती है। अदालतों में लम्बित मामलों का बोझ काफी है। इसके चलते अदालतों के बाहर मध्यस्थी से विवादों के समाधान का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसके लिए विधि कॉलेजों को भावी वकीलों को समाधान कराने की कुशलता विकसित करने का प्रशिक्षण देना चाहिए।

गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के निदेशक प्रो. डॉ. एस. शांताकुमार ने कहा कि आर्थिक विकास के लिए ढांचागत विकास जरूरी है। किसी भी विवाद और उसके परिणाम से इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में विलम्ब से न सिर्फ प्रोजेक्ट खर्च बढ़ जाता है बल्कि उससे जुड़े लोगों का रोजगार और आजीविका भी प्रभावित होती है। भविष्य में विवादों की संभावनाओं को टालने और प्रोजेक्ट खर्च घटाने के लिए प्रोजेक्ट के करार विशेष ध्यान देकर तैयार करने चाहिए। यह देश की अर्थ व्यवस्था, निवेशकों और समाज के हित में जरूरी है। इसके बावजूद भी यदि विवाद होते हैं तो अदालती कार्रवाई या मुकद्दमेबाजी के बजाय मध्यस्थता से समाधान करना चाहिए।

इस मौके पर सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि विवादों के समाधान में मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) निर्णय भूमिका निभा सकते है। आर्बिट्रेशन से संबंधित कानूनों में समय के साथ काफी प्रगति हुई है। मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) के जरिए विवादों के निपटारे की प्रक्रिया में वरिष्ठ न्यायाधीशों और कानून के विशेषज्ञों को भी शामिल करना चाहिए।
अधिवेशन में एशियन इन्टरनेशनल आर्बिट्रेशन सेन्टर के निदेशक दातुक सूरियादी बिन हलीम ओमर और क्विन मेरी यूनिवर्सिटी- लंदन के लेक्चरर डॉ. मेरी मित्सी ने भी अपने विचार रखे।