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दो कन्याओं को घरेलू सामान भेंट, एक नेत्रहीन का विवाह

माहेश्वरी सखी संगठन (अहमदाबाद पश्चिम) की सदस्याओं के आर्थिक सहयोग से

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home use things given to two girls

अहमदाबाद. माहेश्वरी सखी संगठन (अहमदाबाद पश्चिम) की सदस्याओं के आर्थिक सहयोग से जरूरतमंद दो कन्याओं को घरेलु सामान भेंट करने के साथ ही इनमें से एक नेत्रहीन कन्या का विवाह यहां रायपुर दरवाजा बाहर आर्य समाज में करवाया गया। घरेलु सामान भेंट करने में संतोष दिलीप सोनी व सुमन सुनील पुगलिया ने विशेष सहयोग किया। इंदौर के नरसी सत्संग मंडल के सहयोग व नानी बाई का मायरा के सौजन्य से यह आयोजन किया गया।
जरूरतमंद कन्याओं को विवाह से संबंधित कन्यादान सामग्री भेंट करने के लिए ऊषा मूंदड़ा की ओर से वर्ष 2000 में इसका गठन किया गया। अब तक 200 से अधिक कन्याओं का कन्यादान जन सहयोग से किया गया है। ऊषा मूंदड़ा ने कथा के विभिन्न पहलुओं को छूते हुए नरसी के मार्मिक प्रसंगों को मधुर भजनों के साथ सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगठन अध्यक्षा मीना मूंदड़ा ने मंडल की सदस्याओं का परिचय दिया। राष्ट्रीय संचारिका समिति की संयोजिका सुशीला माहेश्वरी के अनुसार इस कार्यक्रम में इंद्रा राठी, राधा माहेश्वरी व संगठन की सभी पूर्व अध्यक्ष मौजूद थीं। कोषाध्यक्ष सरिता लाहौटी, कार्यकारिणी सदस्याओं निलीमा मालू, नीलम मालपाणी, संगीता राठी, सुमन काबरा, रेखा राठी, अर्चना झंवर, अनुभा, दीपा धूत, वंदना बिड़ला, रक्षा मणियार ने सहयोग किया। घरेलु सामान भेंट करने में संतोष दिलीप सोनी व सुमन सुनील पुगलिया ने विशेष सहयोग किया। इंदौर के नरसी सत्संग मंडल के सहयोग व नानी बाई का मायरा के सौजन्य से यह आयोजन किया गया। स चिव अनुराधा अजमेरा ने अंत में आभार व्यक्त किया।
संस्कार वाटिका का वार्षिकोत्सव मनाया
अहमदाबाद. संस्कार वाटिका का वार्षिकोत्सव शहर के शाहीबाग क्षेत्र स्थित सरदार पटेल स्मारक भवन में मनाया गया। उत्सव में करीब २०० बच्चों ने भाग लिया और जैन धर्म से संबंधित नाटक एवं संगीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। शहर के शाहीबाग स्थित संस्कार वाटिका में प्रत्येक रविवार को सुबह २ घंटे जैन धर्म से संबंधित संस्कार प्रदान किए जाते हैं, जहां ३५० से अधिक बच्चे आते हैं।