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IIM-Ahmedabad: विज्ञान के बजाय कला बैकग्राउंड के विद्यार्थियों में वृद्धि

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IIM-Ahmedabad: विज्ञान के बजाय कला बैकग्राउंड के विद्यार्थियों में वृद्धि

IIM-Ahmedabad: विज्ञान के बजाय कला बैकग्राउंड के विद्यार्थियों में वृद्धि

अहमदाबाद. विश्व के प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूलों में शामिल भारतीय प्रबंध संस्थान-अहमदाबाद( आईआईएम-ए) के एमबीए बैच में कला (आट्र्स) बैकग्राउंड के विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

इस बार के 2020-22 बैच में कला (आट्र्स) बैकग्राउंड के विद्यार्थियों में वृद्धि देखी गई। वर्ष 2018-20 बैच और 2019-21 के बैच में ऐसे 3 फीसदी विद्यार्थी थे वहीं इस बार यह संख्या 2 फीसदी बढ़कर 5 फीसदी हो गई है। वहीं विज्ञान बैकग्राउंड वालों की संख्या में लगातार कमी देखी गई। इस बार के बैच में यह संख्या सिर्फ एक फीसदी रही जो पिछले दो बैच में क्रमश: 7 और 2 फीसदी थी। उधर कॉमर्स बैकग्राउंड वाले विद्याॢथयों की संख्या भी कम रही। यह संख्या इस बैच में यह संख्या 18 फीसदी रही जो पिछले दो बैच में क्रमश:21 व 23 फीसदी थी।

संस्थान के प्रवेश के निवर्तमान चेयरपर्सन प्रो. विशाल गुप्ता के मुताबिक संस्थान की प्रवेश नीति के कारण संस्थान को विविध परिप्रेक्ष्य वाले विद्यार्थी मिलते हैं जिससे उनके विचार-विमर्श आधारित सीख में मदद मिलती है। संस्थान का मानना है कि गुणवत्ता पर किसी तरह का समझौता किए बिना मिश्रित प्रतिभागियों से विद्यार्थियों का अकादमिक अनुभव और ज्यादा समृद्ध होता है।