
अहमदाबाद शहर पुलिस आयुक्त कार्यालय में आयोजित क्राइम कॉन्फ्रेंस में उपस्थित पुलिस अधिकारी।
Ahmedabad. राज्य के सबसे बड़े शहर अहमदाबाद में 2024 की तुलना में 2025 में साइबर अपराध, विश्वासघात और हत्या की वारदातों में वृद्धि हुई है। सबसे ज्यादा 85 फीसदी का इजाफा विश्वासघात के मामलों में देखा गया। इसके बाद साइबर क्राइम में 23.76 फीसदी की वृद्धि हुई है वहीं हत्या जैसी जघन्य वारदातें भी करीब 19 फीसदी बढ़ी हैं।
यह तथ्य मंगलवार को अहमदाबाद शहर पुलिस आयुक्त (सीपी) कार्यालय में पुलिस आयुक्त जी.एस.मलिक की अध्यक्षता में हुई क्राइम कॉन्फ्रेंस में पेश आंकड़ों में सामने आए। इसमें वर्ष 2023, 2024 और 2025 में शहर में हुई आपराधिक वारदातों और उन्हें सुलझाने की दर की समीक्षा की गई।आंकड़ों में सामने आया कि 2023 में विश्वासघात के 80 मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 में बढ़कर 135 हो गए। इनकी संख्या 2025 में बढ़कर 250 हो गई। 85.19 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। 2023 से इसमें 212 फीसदी की वृद्धि हुई है। ठगी के मामले 2024 की तुलना में 2025 में 3.45 फीसदी घटे हैं। 2024 में 521 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में 503 दर्ज हुए। 2023 में 431 ठगी के मामले शहर में दर्ज हुए थे। इन तीन सालों में शहर में आर्थिक अपराधों में 47.36 फीसदी की वृद्धि देखी गई।
आंकड़ों में सामने आया कि शहर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। 2023 में जहां 246 साइबर अपराध के मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 में बढ़कर 362 हो गई। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 487 हो गया। 2024 की तुलना में 2025 में साइबर अपराध में 23.76 फीसदी वृद्धि हुई।
वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में महिलाओं पर होने वाले अपराधों में 7.86 फीसदी की कमी आई है। 2024 में कुल 490 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में घटकर 451 हो गए। हालांकि 2023 से इसमें 27.96 फीसदी की कमी आई है उस वर्ष 626 मामले शहर में दर्ज हुए थे।
बलात्कार के संदर्भ में वर्ष 2023 में 373 मामले, 2024 में 307 और 2025 में 292 मामले दर्ज हुए। 2023 की तुलना में 2025 में 21.72 फीसदी की कमी आई। छेड़़छाड़ के मामलों में भी 2023 की तुलना में 2025 में 37.15 फीसदी की कमी दर्ज की गई। 2023 में छेड़छाड़ के 253, 2024 में 183 और 2025 में 159 मामले दर्ज हुए।
मलिक ने संवाददाताओं को बताया कि मई 2024 से सभी थानों के पीआइ को जनभागीदारी से सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए अभियान छेड़ने को कहा था। जनवरी 2026 तक 24176 सीसीटीवी कैमरे शहर में लगे हैं। इनमें से 3409 कैमरों की लाइव फीड स्थानीय थानों में और 3294 की लाइव फीड शहर पुलिस कंट्रोलरूम में देखी जा रही है।
मलिक ने दावा किया कि सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ने के चलते शहर में बीते तीन सालों में शरीर संबंधी अपराध की डिटेक्शन दर 1.15 फीसदी और संपत्ति के मामलों की डिटेक्शन दर में 10.89 फीसदी की वृद्धि हुई है। शहर में शरीर संबंधी मामलों की डिटेक्शन दर 98.82 फीसदी, 2024 में 99.22 फीसदी और 2025 में 99.77 फीसदी रही। लूट, डकैती, सेंधमार चोरी, चोरी की डिटेक्शन दर 2023 में 36.89 फीसदी, 2024 में 38.10 फीसदी और 2025 में 47.78 फीसदी दर्ज की गई है। अपराध पर लगाम लगाने को बीते तीन सालों में पासा की कार्रवाई में 57 फीसदी और तडीपार की कार्रवाई में 90.44 फीसदी की वृद्धि की है। 2024 में 152 को तडीपार किया और 1109 को पासा के तहत जेल भेजा।
Published on:
24 Feb 2026 10:53 pm
