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जीएसटी की जटिलताओं और नोटिसों के विरोध में जामनगर का ब्रास उद्योग बंद

जामनगर फैक्टरी ओनर्स एसोसिएशन, जामनगर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज तथा जीआइडीसी प्लॉट एंड शेड होल्डर्स एसोसिएशन फेज-2 और फेज-3 के संयुक्त नेतृत्व में इस आयोजन में जामनगर ब्रास फाउंड्री, इलेक्ट्रोप्लेटर्स, एक्जिम मेटल मर्चेंट, एम.पी. शाह म्युनिसिपल उद्योगनगर, हापा सहकारी संघ और लघु उद्योग भारती सहित 12 से अधिक संगठनों से जुड़े उद्यमियों ने भाग लिया।
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Jamnagar Brass Industry Shuts Down in Protest Against GST Complexities and Notices

जामनगर में सैकड़ों उद्यमियों ने निकाली मौन बाइक रैली।

जामनगर. शहर के ब्रास उद्योग में जीएसटी से जुड़े नोटिस और कानून की जटिलताओं को लेकर उद्योगकारों में नाराजगी देखने को मिली। जीएसटी संबंधी समस्याओं के विरोध में स्थानीय व्यापार एवं औद्योगिक संगठनों के संयुक्त आह्वान पर ब्रास उद्योग सोमवार को स्वैच्छिक रूप से पूर्ण बंद रखा गया। इस दौरान 12 से अधिक औद्योगिक संगठनों के नेतृत्व में सैकड़ों उद्यमियों ने मौन बाइक रैली निकाली और जिला कलक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें जीएसटी कानून में आवश्यक सुधार करने तथा नियमों का पालन करने वाले ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा करने की मांग की गई।
जामनगर फैक्टरी ओनर्स एसोसिएशन, जामनगर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज तथा जीआइडीसी प्लॉट एंड शेड होल्डर्स एसोसिएशन फेज-2 और फेज-3 के संयुक्त नेतृत्व में इस आयोजन में जामनगर ब्रास फाउंड्री, इलेक्ट्रोप्लेटर्स, एक्जिम मेटल मर्चेंट, एम.पी. शाह म्युनिसिपल उद्योगनगर, हापा सहकारी संघ और लघु उद्योग भारती सहित 12 से अधिक संगठनों से जुड़े उद्यमियों ने भाग लिया।

एमएसएमई की कार्यशील पूंजी पर दबाव

जीएसटी नोटिस और कानूनी प्रक्रियाओं की जटिलता के कारण विशेष रूप से एमएसएमई की कार्यशील पूंजी पर दबाव बढ़ रहा है। उनका कहना है कि यदि स्थिति का समाधान नहीं किया गया तो इसका असर ब्रास क्लस्टर की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और निर्यात कारोबार पर भी पड़ सकता है। पिछले करीब डेढ़ वर्ष से जीएसटी से जुड़े मुद्दों को लेकर स्थानीय स्तर से लेकर दिल्ली तक कई बार मांग की गई, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिला।

यह है मांगें

जीआइडीसी प्लॉट एंड शेड ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विष्णु पटेल ने कहा कि लगभग 3,500 को कथित फर्जी बिलिंग या गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) से संबंधित नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई है। उद्यमियों की मांग है कि नियमों के अनुसार खरीदारी करने वाले व्यापारियों के आइटीसी अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए जाएं और कर चोरी करने वाले वास्तविक पक्ष से ही कर की वसूली की जाए। उन्होंने जीएसटी काउंसिल के समक्ष नीतिगत स्तर पर निर्णय लेने की मांग करते हुए टीडीएस को 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने का सुझाव भी रखा, ताकि खरीददारों और निर्माताओं को सुरक्षा मिल सके।

यह है समस्या

जामनगर फैक्टरी ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रामजीभाई गढ़िया ने कहा कि दूसरे राज्यों से खरीदे जाने वाले कच्चे माल के सप्लायर द्वारा यदि कर चोरी की जाती है, तो कई मामलों में जिम्मेदारी खरीदार या स्थानीय निर्माता पर डालकर वसूली की कार्रवाई की जाती है। ब्रास के स्क्रैप में होने वाली जीएसटी चोरी के कारण जामनगर के निर्माताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ब्रास पार्ट्स बनाने के लिए स्क्रैप प्रमुख कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होता है। उनके अनुसार यदि किसी अन्य राज्य का सप्लायर टैक्स चोरी करता है तो उसका आर्थिक और कानूनी असर स्थानीय निर्माता पर पड़ता है। एसोसिएशन की ओर से सदस्यों को भी सप्लायर की उचित जांच करने के बाद ही माल खरीदने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

जामनगर भारत की ब्रास सिटी, 80 से अधिक देशों में निर्यात

गुजरात के जामनगर का पीतल उद्योग (ब्रास इंडस्ट्री) पूरी दुनिया में मशहूर है, इसलिए इसे भारत की ब्रास सिटी या पीतल नगरी भी कहा जाता है। भारत में बनने वाले कुल पीतल के उत्पादों का लगभग 60 से 70% हिस्सा अकेले यहां तैयार होता है। यहां का पीतल सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि यूरोप, अमरीका, मध्य पूर्व और एशिया के 80 से अधिक देशों में निर्यात किया जाता है। कच्छ का कंडला और मुंद्रा पोर्ट के पास होने के कारण यहां से विदेशों में सामान भेजना बहुत आसान और किफायती होता है। उद्योग संगठनों के अनुसार जामनगर में करीब 7000 औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं। इनमें से 3800 से अधिक इकाइयों को जीएसटी विभाग की ओर से नोटिस दिए जाने का दावा किया गया है। इन औद्योगिक इकाइयों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3.5 लाख से अधिक लोगों की आजीविका निर्भर है।