
राजकोट. शहर में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ग्रेटर राजकोट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नए भवन का भूमिपूजन किया।
उन्होंने कहा कि दुनिया की शीर्ष 500 औद्योगिक कंपनियों में से 100 से अधिक गुजरात में कार्यरत हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2003 में वाइब्रेंट गुजरात की शुरुआत की थी, जिससे राज्य को वैश्विक औद्योगिक मंच मिला।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गुजरात में पहले 66,000 छोटे उद्योग थे, जो अब बढ़कर 27 लाख एमएसएमइ तक पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में जनवरी 2026 में राजकोट में रीजनल वाइब्रेंट समिट आयोजित होगी।
मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लिए वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल अपनाने की अपील की। उन्होंने अपेक्षा जताई कि ग्रेटर राजकोट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज स्वदेशी को अपनाकर देश को आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी रहेगा।
कार्यक्रम में चैंबर के चेयरमैन धनसुख वोरा को 50 वर्षों की सेवा के लिए सम्मानित किया गया और उनकी जीवनी का विमोचन भी किया गया।
सीएम ने अपनी यात्रा के दौरान राजकोट में 545 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्य रूप से राजकोट शहर से भादर-1 डैम तक 148 करोड़ रुपए की लागत से नई पाइपलाइन बिछाने के कार्य का ई-शिलान्यास किया। साथ ही राजकोट मनपा के विभिन्न विभागों की 545.07 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का ई-लोकार्पण, ई-शिलान्यास तथा आवास योजना के लाभार्थियों को आवास आवंटन का कंप्यूटरीकृत ड्रॉ भी मुख्यमंत्री के हाथों संपन्न हुआ।
प्रमुख स्वामी ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ऐसा होता था कि चुनाव आते ही वादों की झड़ी लग जाती थी और वे पूरे होते इससे पहले अगला चुनाव आ जाता था। ऐसा चलता रहता था, लेकिन अब विकास की राजनीति है, उसमें ऐसी बातों की कोई जगह नहीं। इसलिए हम जिस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करते हैं, उसका लोकार्पण भी करके दिखाते हैं। महापौर नयना पेढडिया और प्रभारी मंत्री जीतू वाघाणी ने भी विचार रखे।
सीएम ने रेसकोर्स आर्ट गैलरी में 2005-2025 तक की विकास यात्रा की तस्वीरों का प्रदर्शन उद्घाटन किया। उन्होंने राजकोटवासियों से अपील की कि वे इस प्रदर्शनी को जरूर देखने जाएं।
Updated on:
22 Nov 2025 11:01 pm
Published on:
22 Nov 2025 11:01 pm
