
Rahul Gandhi
दहेगाम/बायड।कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बायड में किसान अधिकार सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पहले मोदीजी कहते थे ‘ना खाऊंगा ना खाने दूंगा’। अब वे कहते हैं ‘ना बोलूंगा,ना बोलने दूंगा’। हर वर्ष नवम्बर में चर्चा के लिए सदन के दरवाजे खुले हैं, लेकिन इस वर्ष गुजरात चुनाव के बाद राज्यसभा और लोकसभा के दरवाजे खुलेंगे। इसका कारण है मोदी नहीं चाहते कि राफेल सौदे और जय शाह की कंपनी मामले पर चर्चा हो।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशान साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री राफेल सौदे के पीछे की सच्चाई बयां करें। वह राफेल सौदे और अमित शाह के बेटे की कंपनी की सच्चाई को बाहर नहीं लाना चाहते हैं। इसलिए संसद के दरवाजे बंद हैं। मोदी को राफेल सौदे की सच्चाई बयां करनी चाहिए और जब फ्रांस में सौदा चल रहा था तब रक्षामंत्री गोवा में मछली पकड़ रहे थे क्या? उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से तीन सवाल करते हुए कहा कि ‘क्या उन्होंने राफेल एयरक्राफ्ट की राशि बढ़ाई या नहीं बढ़ाई? नामित कंपनी से उन्होंने अनुबंध क्यों ले लिया? एवं उसे एक कंपनी को दे दिया, जो उन्हें जानती है? और क्या उन्होंने कैबिनेट के जरिए उस सौदे की प्रक्रिया का अनुसरण किया?’
राहुल ने कहा कि ‘मैं देशभक्त हूं इसलिए कह रहा हूं कि देश को आगे बढ़ाना है तो गुजरात की शक्ति का प्रयोग होना चाहिए’। जहां लाखों लोग बेरोजगार हो चुके थे तभी जादूगरी से एक कंपनी आई, जिसने भारी मुनाफा कमाया। इससे पूर्व गुजरात कांग्रेस के प्रभारी अशोक गहलोत , गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष भरतसिंह सोलंकी ने भी जनसभा को संबोधित किया। इस मौके पर राज्यसभा सांसद अहमद पटेल, दहेगाम की विधायक कामिनीबा राठौड़, बलदेव ठाकोर, सागर रायका, राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धर्मेन्द्र राठौड़, रामकेश मीणा समेत कांग्रेस के नेता मौजूद थे।
परिजनों को दी सांत्वना:
राहुल गांधी दूसरे दिन का दौरा प्रारंभ करने से पूर्व अहमदाबाद में ईर्शाद मिर्जा के परिजनों से मिले। ईर्शाद मिर्जा का हाल ही में निधन हो गया। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री माधवसिंह सोलंकी से मिले और उनसे चर्चा की। वे गांधीनगर में कांग्रेस के वरिष्ठ मंत्री मधुसूदन मिी से भी मिले और सांत्वना दी। मिी के पुत्र का हाल ही में निधन हुआ है।
ग्रीनसिटी में सबसे सर्द सुबह
उत्तर भारत में पड़ रही कड़ाके की सर्दी का असर राज्य में भी होने लगा है। ग्रीनसिटी के रूप में प्रसिद्ध राजधानी गांधीनगर की शनिवार की सुबह राज्य में सबसे सर्द रही। यहां का न्यूनतम तापमान १०.८ डिग्री रहा। वहीं अहमदाबाद शहर में पिछले पांच वर्ष में सबसे कम तापमान रहा। शुक्रवार की तुलना में यहां का तापमान करीब डेढ़ डिग्री कम रहा। देश का उत्तरी भाग में इन दिनों कड़ाके की सर्दी है। गुजरात में भी लगातार न्यूनतम तापमान गिर रहा है। गांधीनगर में शनिवार तडक़े न्यूनतम तापमान १०.८ डिग्री रहा जो कच्छ जिले के नळिया से भी कम है। इस मौसम में राजधानी की यह सुबह सबसे सर्द रही।
दूसरी ओर अहमदाबाद में भी पिछले पांच वर्ष में (नवम्बर का) तापमान सबसे कम रहा। शुक्रवार (१३.० डिग्री) की तुलना में शनिवार को (११.६) करीब डेढ़ डिग्री तापमान कम रहा। बढ़ती सर्दी के कारण लोग अलाव तापते नजर आ रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि आगामी दिनों में सर्दी का जोर और अधिक होगा। बात करें पिछले दस वर्ष की तो अहमदाबाद शहर शनिवार को दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा। इससे पूर्व वर्ष २०१२ में २९ नवम्बर को न्यूनतम तापमान ११.३ डिग्री सेन्टीग्रेड दर्ज किया गया। राज्य के अन्य शहरों में भी तापमान में काफी कमी आई है। आमतौर पर सर्दी में सबसे ठंडे माने जाने वाले कच्छ के नळिया में शनिवार को न्यूनतम तापमान ११.२ रहा जो गांधीनगर के बाद दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा।
Published on:
25 Nov 2017 11:59 pm
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