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गांधीधाम में 105 बैंक खातों के जरिए 43.93 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश

गांधीधाम. पूर्व कच्छ पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने गांधीधाम में 105 बैंक खातों के जरिए 43.93 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश किया। टीम ने ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 के तहत गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनमें अंजार तहसील के मेघपर बोरिची निवासी व मूल रूप से सुरेंद्रनगर जिले के भेसजाल चूड़ा निवासी दिव्यराजसिंह राणा, गांधीधाम निवासी जयनीत कन्नर, गांधीधाम के आदिपुर निवासी चिरागसिंह झाला, अंंजार-आदीपुर क्षेत्र निवासी शब्बीर लुहार शामिल हैं।

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Cyber ​​fraud worth ₹43.93 crore involving 105 bank accounts busted in Gandhidham

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन गांधीधाम की टीम की गिरफ्त में आरोपी।

ऑपरेशन म्यूल हंट : पूर्व कच्छ पुलिस की साइबर क्राइम ने गिरोह के 4 सदस्यों को किया गिरफ्तार

गांधीधाम. पूर्व कच्छ पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने गांधीधाम में 105 बैंक खातों के जरिए 43.93 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश किया। टीम ने ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 के तहत गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनमें अंजार तहसील के मेघपर बोरिची निवासी व मूल रूप से सुरेंद्रनगर जिले के भेसजाल चूड़ा निवासी दिव्यराजसिंह राणा, गांधीधाम निवासी जयनीत कन्नर, गांधीधाम के आदिपुर निवासी चिरागसिंह झाला, अंंजार-आदीपुर क्षेत्र निवासी शब्बीर लुहार शामिल हैं।
बॉर्डर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक चिराग कोरडिया तथा पूर्व कच्छ गांधीधाम के पुलिस अधीक्षक सागर बागमार के निर्देशानुसार साइबर धोखाधड़ी के अपराधों को रोकने और ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 अभियान के तहत पूर्व कच्छ गांधीधाम जिले में म्यूल अकाउंट धारकों, बिचौलियों तथा साइबर अपराध में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की गई।
पूर्व कच्छ गांधीधाम के पुलिस अधीक्षक सागर बागमार ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को प्राप्त जानकारी के आधार पर पता चला कि कुछ लोग अपने बिचौलियों के माध्यम से गरीब, जरूरतमंद और मजदूर वर्ग के लोगों को विश्वास में लेकर तथा उन्हें कुछ राशि का लालच देकर उनके दस्तावेज प्राप्त करते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न बैंकों में बचत खाते, व्यक्तिगत चालू खाते तथा फर्मों के नाम पर चालू खाते खुलवाए जाते थे। बाद में इन खातों का उपयोग साइबर अपराधियों तक पहुंचाने तथा ऑनलाइन गेमिंग से प्राप्त अवैध धन के लेन-देन के लिए किया जाता था।
इस संबंध में प्रारंभिक शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की गई। यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने गांधीधाम तथा आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कमीशन का लालच देकर बैंक खाते किराए पर देने का एक नेटवर्क खड़ा कर रखा था। जांच के दौरान अब तक कुल 105 बैंक खातों का पता चला, जिनमें 43.93 करोड़ रुपए से अधिक जमा किए गए। यह राशि ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी तथा ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से प्राप्त धनराशि थी। विभिन्न लेन-देन के बाद इसकी निकासी की गई थी।
भारत सरकार के समन्वय पोर्टल पर इस संबंध में कुल 90 शिकायतें दर्ज पाई गई। इनमें ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी, कॉलर आईडी फ्रॉड, बिजनेस इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, पार्ट-टाइम जॉब फ्रॉड, फर्जी योनो एप्लिकेशन फ्रॉड, व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक करने की धोखाधड़ी, ओएलएक्स फ्रॉड, फर्जी क्लोदिंग वेबसाइट फ्रॉड, एआई आधारित निवेश धोखाधड़ी, बिना ओटीपी वाली धोखाधड़ी शामिल है।
जांच में यह भी सामने आया है कि इन सभी प्रकार की धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि इन बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इन बैंक खातों में कर्नाटक, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, मुंबई, तमिलनाडु, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार तथा तेलंगाना आदि विभिन्न राज्यों से साइबर धोखाधड़ी से संबंधित ऑनलाइन समन्वय पोर्टल पर शिकायतें दर्ज की गई।

श्रीलंका तक पहुंचाते थे जानकारी

आरोपियों की जांच के दौरान पता चला कि इन खातों का नेटवर्क गांधीधाम और उसके आसपास के क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा था तथा बैंक किट से संबंधित जानकारी, बैंक में पंजीकृत ईमेल आइडी और पासवर्ड व्हाट्सएप के माध्यम से श्रीलंका तक पहुंचाए गए थे। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की टीम ने मानव स्रोतों तथा तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया। टीम ने विभिन्न कंपनियों के 7 मोबाइल बरामद किए।

चार आरोपी फरार

इस मामले में अंजार तहसील के मेघपर बोरिची निवासी जयराजसिंह राणा, गांधीधाम के गलपादर निवासी राजभा वाघेला, गांधीधाम निवासी किंग डेविड उर्फ नयालाल ठक्कर, दीपक ठक्कर सहित चार आरोपी को फरार घोषित किया गया। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन गांधीधाम के पुलिस निरीक्षक बी.वी. बोरिसागर, पुलिस उपनिरीक्षक एच.बी. कोवाडिया तथा टीम ने कार्रवाई की।