प्रभास पाटण. गिर सोमनाथ जिले में प्रभास पाटण स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ महादेव के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए श्री कृष्ण देहोत्सर्ग भूमि गोलोक धाम में यात्री सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
श्री सोमनाथ ट्रस्ट के सचिव योगेन्द्र देसाई के मार्गदर्शन में ट्रस्ट की ओर से सोमनाथ मंदिर से गोलोक धाम तक हर घंटे बस की व्यवस्था की गई है ताकि भक्त आसानी से गोलोक धाम तक पहुंच सकें। ट्रस्ट के ट्रस्टी जे डी परमार ने सोमनाथ मंदिर के बाहर भगवा ध्वज फहराकर बस सुविधा की शुरुआत की।गोलोकधाम तीर्थ पर यात्री केंद्रीय सुविधाएं बढ़ाकर सोमनाथ ट्रस्ट ने गोलोक धाम को भजन, भोजन और भक्ति का त्रिवेणी संगम बना दिया है। भक्तगण अब भगवान श्री कृष्ण की चरण पादुका की वैदिक रीति से पूजा-अभिषेक मात्र 21 रुपए का दान देकर कर सकते हैं।
प्राचीन लक्ष्मीनारायण मंदिर में 24 अवतार गैलरी तैयार की गई है ताकि भक्तों को भगवान श्री विष्णु के 24 अवतारों के बारे में ज्ञान और जानकारी मिल सके। आकाशगंगा गैलरी भी इस तरह से बनाई गई है कि पूरी आकाशगंगा को शीर्ष पर प्रदर्शित किया जा सके। मंदिर और आकाशगंगा व उसके ग्रहों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। ट्रस्टी परमार ने इसका लोकार्पण किया।श्री मद्भागवत गीता का सम्पूर्ण पाठ, श्री सत्यनारायण भगवान की कथा भी
गोलोक धाम में धार्मिक कार्यक्रम भी चल रहे हैं। गीता मन्दिर में सुबह संस्कृत उपासक बच्चों की ओर से श्री मद्भागवत गीता का सम्पूर्ण पाठ किया जा रहा है। साथ ही दिन में दैनिक धार्मिक कार्यक्रम होता है, जिसमें श्री सत्यनारायण भगवान की कथा, शाम को श्री मद्भागवत दशम स्कंध का पाठ शामिल है।अब प्रत्येक शनिवार व रविवार को धार्मिक कथा, सांस्कृतिक कार्यक्रम
इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी लगातार आयोजित किये जा रहे हैं। श्रीनाथजी के दर्शन, भक्तिमय रासोत्सव सहित अन्य कार्यक्रमों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु लाभान्वित हो रहे हैं। आगामी दिनों में प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को धार्मिक कथा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।हिरण, कपिला और सरस्वती नदियों के तट पर प्रकृति की गोद में बसे गोलोक धाम में ट्रस्ट की ओर से टिकाऊ टेंट और कृत्रिम घास लगाकर वन भोजन समूह के लिए अधिक सुलभ वातावरण तैयार किया गया है। गौरतलब है कि गोलोक धाम से भगवान कृष्ण ने वैकुंठ प्रस्थान किया था।