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पिराणा डंपिंग साइट: 85 एकड़ कूड़े के पहाड़ से 35 एकड़ जमीन मुक्त, 95 लाख टन कचरा हटाया

Pirana Dumping site, Ahmedabad, 35 acres land freed, 95 lakh tons garbage removed

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पिराणा डंपिंग साइट: 85 एकड़ कूड़े के पहाड़ से 35 एकड़ जमीन मुक्त, 95 लाख टन कचरा हटाया

पिराणा डंपिंग साइट: 85 एकड़ कूड़े के पहाड़ से 35 एकड़ जमीन मुक्त, 95 लाख टन कचरा हटाया

अहमदाबाद. शहर के पिराणा में 85 एकड़ भूमि क्षेत्र में कूड़े का पहाड़ है। यहां पिछले चार दशकों से शहर का 1 करोड़ 25 लाख मीट्रिक टन से अधिक कूड़ा एकत्र हुआ है। हाल में यहां 85 एकड़ में से 35 एकड़ भूमि से कूड़ा साफ़ कर दिया गया है। अहमदाबाद महानगरपालिका ने शहर के पिराणा ड़ंपिंग साइट पर 95 लाख मीट्रिक टन कूड़े को हटा दिया है। इसके चलते 2200 करोड़ रुपए की जमीन जल्द ही कूड़े से मुक्त मुक्त हो जाएगी। इस कारण अहमदाबाद के लोगों को अब पिराणा के कूड़े के पहाड़ से राहत मिलने की संभावना है।

अहमदाबाद महानगर पालिका के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (घन कूड़ा प्रबंधन) विभाग ने वर्ष 2019 में पिराणा-बायो माइनिंग प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। मार्च माह में 300 टन प्रतिदिन की क्षमता वाली ट्रॉमेल मशीनें साइट पर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। हाल में पिराणा डंपिंग साइट पर 300 टन प्रति दिवस (टीपीडी) क्षमता की 60 ट्रॉमेल मशीनें, 11 ऑटोमैटेड सेग्रिगेशन मशीनें, 63 एस्केवेटर्स और 267 हायवा ट्रक ऑपरेशन में हैं। यहां प्रतिदिन दो शिफ़्टों में 29-30 हज़ार मीट्रिक टन कूड़े की प्रोसेसिंग की जा रही है।

रोड ट्रीट ट्रॉमेल मशीनों की मदद से कूड़े से मिट्टी, कपड़ा, प्लास्टिक, लोहा, लकड़ी आदि वस्तुओं का वर्गीकरण किया जाता है। इन मशीनों की सहायता से कूड़े का बुरादा बना कर उसे खाद जैसा बना दिया जाता है।

कूड़े से निकलने वाली मिट्टी का धोलेरा प्रोजेक्ट में उपयोग

पिराणा में कूड़े की निकासी में 70 प्रतिशत मिट्टी निकल रही है। इस मिट्टी का उपयोग धोलेरा प्रोजेक्ट के तहत निर्मित हो रहे हाईवे में हो रहा है। इसके अलावा साबरमती रिवरफ़्रंट के फेज़-2 तथा साबरमती गांधी आश्रम के रिडवलपमेंट कामकाज में भी पिराणा से प्राप्त मिट्टी भेजी जा रही है। यह मिट्टी उपलब्ध कराने से महानगर पालिका को आय भी हुई है।

पिराणा का कामकाज देश के लिए उत्कृष्ट उदाहरण

हाल ही में केरल से आए प्रतिनिधियों ने भी इस साइट का दौरा किया था। जिस स्तर पर कामकाज हो रहा है, उससे वे प्रभावित हुए। इससे पहले भी हैदराबाद, पुणे, फ़रीदाबाद, कोलकाता एवं कोयम्बटूर से प्रतिनिधि यहां आकर कामकाज देख चुके हैं।

बोपल-घुमा डंप साइट की छह महीनों में सफ़ाई की गई

बोपल-घुमा डम्प साइट पर लगभग 2.5 लाख मीट्रिक टन कूड़ा एकत्र हुआ था। मनपा ने जुलाई 2020 में यहां कामकाज शुरू किया था। छह महीनों में इस साइट की सफ़ाई कर 6 एकड़ जमीन कूड़ा मुक्त कर दी गई। यहां इकोलॉजिकल पार्क का निर्माण किया गया है जिसका उद्घाटन केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था।