
अहमदाबाद. राज्य सरकार की कोशिशों और चेतावनियों के बावजूद भी निजी स्कूलों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। ऐसा जान पड़ता है कि राज्य के निजी स्कूलों को गुजरात सरकार का कोई डर ही नहीं है। वह सरकार व शिक्षामंत्री की अपील की तो अनदेखी कर ही रहे हैं। साथ ही सरकार के निर्देशों की भी सरेआम अवहेलना कर रहे हैं।
उदगम् स्कूल के अलावा एपल ग्लोबल स्कूल ने भी अभिभावको को पत्र लिखकर १० मार्च तक आगामी शैक्षणिक वर्ष २०१८-१९ के चारों टर्म की फीस के चेक एडवांस में देने का निर्देश दिया है। समय पर चेक नहीं देने पर अभिभावकों के बालक का प्रवेश वर्ष २०१८-१९ में अगली कक्षा में रद्द कर दिया जाएगा। चेक रिटर्न होने पर दो सौ रुपए अतिरिक्त चार्ज लगेगा इसके अलावा लेट फीस भरने पर हर दिन ५० रुपए की लेट फीस भरने के लिए भी गया गया है।
हालांकि स्कूल प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि सुप्रीमकोर्ट के १९ फरवरी के निर्देश के तहत वह प्रोविजनल फीस केतहत यह फीस अभिभावकों से ले रहे हैं। यदि स्कूल की फीस इससे कम तय होगी तो स्कूल प्रबंधन आगामी शैक्षणिक वर्ष की फीस में ज्यादा भरी गई फीस को समायोजित करेगा।
आनंद निकेतन स्कूल सेटेलाइट ने भी दिया १० तक का समय
अहमदाबाद. आनंद निकेतन स्कूल सेटेलाइट की ओर से भी अभिभावकों को शैक्षणिक वर्ष २०१८-१९ के लिए दस मार्च तक फीस भरने का समय दिया गया है। सुप्रीमकोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए स्कूल प्रबंध ने कहा है कि पहली कक्षा के लिए शैक्षणिक वर्ष २०१८-१९ की फीस एक लाख ३० हजार रुपए निर्धारित की गई है। तीन हजार रुपए पेशगी राशि (इम्प्रेस्ट मनी) है।
इस फीस को प्रोविजनल फीस करार देते हुए स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से कहा है कि अभिभावक इस फीस को दस मार्च तक अदा करें। यदि समय पर फीस को नहींचुकाया गया तो उनके बालक का प्रवेश आगामी शैक्षणिक वर्ष २०१८-१९ के लिए रद्द कर दिया जाएगा। या फिर उसे वेटिंग लिस्ट में डाल दिया जाएगा।
Published on:
01 Mar 2018 06:22 pm
