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साबरमती रिवरफ्रंट पर बनेगा शहीद पार्क

कैन्टोनमेन्ट बोर्ड व एएमसी के बीच हुआ एमओयू

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साबरमती रिवरफ्रंट पर बनेगा शहीद पार्क

साबरमती रिवरफ्रंट पर बनेगा शहीद पार्क

गांधीनगर. वे वीर जवान जिन्होंने देश की रक्षा में अपनी जान न्यौछावर कर दी है। ऐसे शहीदों की याद में अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर शहीद स्मारक (पार्क) बन बनेगा। इसके लिए अहमदाबाद कैन्टोनमेन्ट बोर्ड और अहमदाबाद महानगरपालिका के बीच एमओयू भी हुआ है। साबरमती रिवरफ्रंट डवलपमेन्ट प्रोजेक्ट फैज-2 बनाने के लिए कैन्टोनमेन्ट बोर्ड की जमीन इस्तेमाल करने को एमओयू हुआ। अहमदाबाद कैन्टोमेन्ट बोर्ड की जमीन पर गुजरात के शहीदों को लेकर शहीद पार्क बनेगा।

इससे पूर्व शहीदों के परिजनों मुुनीमसिंह भदौरिया, वल्लभभाई रामाणी, जगदीश सोनी और ए.ए. मलेक ने यह मांग की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा था। साथ ही जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारी ने साबरमती रिवरफ्रंट डवलपमेन्ट से सिफारिश की गई थी।

शहीद स्मारक बनेगा प्रेरणास्रोत
शहीद स्मारक बनाने को लेकर लांस नायक गोपालसिंह भदौरिया के पिता मुनीमसिंह भदौरिया ने मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को पत्र लिखा है। उन्होंने इस कदम को सराहनीय बताते कहा कि शहीद स्मारक पर उनकी वीरगाथा को उजागर करना चाहिए ताकि वे भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें।
आतंकियों का मुकाबला करते हुआ शहीद

मुनीमसिंह ने बताया कि कश्मीर के कुलगाम में वर्ष 2017 में आतंकियों से मुठभेड़ हुई थी, जिसमें उनके पुत्र गोपालसिंह ने बहादुरी का परिचय देते हुए चार आतंकियों को ढेर कर दिया। मुठभेड़ में वे घायल हुए थे, लेकिन उपचार के बाद वे वीरगति को प्राप्त हो गए।

बहादुरी के लिए मिला सम्मान

गोपालसिंह की बहादुरी का एक और वाकया उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 में मुंबई में आतंकी हमला हुआ था उस समय भी उनके पुत्र एनएसजी कमाण्डो के तौर पर ऑपरेशन में शामिल थे। क ई बेगुनाह लोगों की जान बचाई थी। आतंकियों से लड़ते वक्त एक अधिकारी घायल हो गए थे तब भी अपनी जान की परवाह नहीं की। कवरिंग फायरिंग कर घायल अधिकारी को एम्बुलेंस तक पहुंचाया। इस बहादुरी के लिए उन्हें विशिष्ट सेवा मेडल से भी नवाजा गया था। वहीं मरणोपरांत राष्ट्रपति की ओर से शौर्यचक्र से भी नवाजा गया। उनकी याद में वतन आगरा में एकस्मारक भी बनाया है।

स्कूल को नाम दिया गोपालसिंह

गोपालसिंह भदौरिया प्राथमिक में अहमदाबाद के चमनपुरा में जिस स्कूल में पढ़ते थे उस स्कूल का नाम उनके नाम पर रखा गया। वहीं स्कूल में स्मारक भी बनाया गया, जिसका मंगलवार को राज्य के गृहमंत्री प्रदीपसिंह जाड़ेजा लोकार्पण करेंगे।