
Gujarat Communal harmony गणपति के 108 नामों में से 58 का बनाया शब्दचित्र
आणंद. जिले के कला शिक्षक ने गणपति के 108 नामों में से 58 नामों का शब्द चित्र बनाकर साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की है। एक गांव में गणपति के 108 नामों की पुस्तिका मिलने के बाद उन्होंने शब्दों के माध्यम से गणपति के चित्रों को बनाना शुरू किया। गणपति के नामों के शब्दों से खींचे गए चित्र गणपति के आकार को लेते चले गए, फिर एक के बाद एक गणपति के नामों पर उन्होंने शब्द चित्र बनाने की कोशिश की, सफलता मिलते चली गई। अभी वे गणपति के सभी 108 नामों पर चित्र बनाने में प्रयत्नशील हैं।
काले और लाल रंगों का इस्तेमाल: मेहबूब ने कच्चे रेखांकन से गणपति के शब्दचित्रों की रचना शुरू की। गणपति के अलग-अलग रूप, अंग के कारण शब्दचित्रों की रचना में आनंद आने लगा। इसके बाद गणपति के शब्दचित्रों की शृंखला तैयार होने लगी। कलाकार ने इसमें मुख्य रूप से काले और लाल रंग का इस्तेमाल किया। जो कि काला रंग शब्द अक्षर के लेखन का प्रतीक है, वहीं लाल रुग शुभ व सौंदर्य का स्वरूप माना जाता है। इन दो रंगों की सहायता से हाल में उन्होंने 58 गणपति के चित्रों की रचना की है। बाकी के 50 नामों का भी वे आगामी दिनों में शब्द चित्र बनाने की तैयारी में जुटे हैं। गणपति के 108 नामों के शब्दचित्र बनाने के बाद उनकी इच्छा है कि वे इसकी प्रदर्शनी लगाए।
गांव में मिली गणपति के 108 नामों की पुस्तिका
आणंद तहसील के हाडगुड गांव में रहने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक मेहबूब सैयद (बाबा) शब्द चित्र बनाने में माहिर हैं। अभी तक उन्होंने कई शब्दों से चित्र बनाकर लोगों की सराहना प्राप्त की है। इस संबंध में मेहबूब बताते हैं कि शब्दचित्र यानी जिस किसी वस्तु या सजीव का शब्द से चित्र को ढूढ़ा जाता है। मेहबूब बताते हैं कि वे एक बार धोलका के समीप गोधनेश्वर गांव गए थे। इस गांव को गणपतिपुरा नाम से भी पहचाना जाता है। कहा जाता है कि यहां गणपति की स्वयंभू प्रकट हुई प्रतिमा स्थित है। इसी मंदिर से उन्हेें एक छोटी पुस्तिका मिली जिसमें गणपति के 108 नामों का वर्णन मिलता है। इसके बाद उनके मन-मस्तिष्क मेंं गणपति के विशिष्ठ आकार घूमने लगे।
Published on:
13 Sept 2022 09:47 pm
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