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अहमदाबाद

PM Modi in Kalika Mata temple in Pavagadh today पावागढ़ में कालिका माता मंदिर का शिखर तैयार, मोदी आज करेंगे ध्वजारोहण

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल : दरगाह स्थानांतरित मंदिर का दर्शन भी करेंगे 121 करोड़ के खर्च से नया भव्य व विशाल मंदिर बनाया गया

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PM Modi in Kalika Mata temple in Pavagadh today अहमदाबाद/वडोदरा/दाहोद. प्रधानमंत्री PM नरेन्द्र मोदी Modi पावागढ़ Pavagadh स्थित शक्तिपीठ महाकाली (कालिका) माता मंदिर में शनिवार को ध्वजारोहण करेंगे। वे पावागढ़ मंदिर में महाकाली माता का दर्शन भी करेंगे।
मोदी सदियों से ध्वजा विहीन रहे महाकाली मंदिर के शिखर पर ध्वजा लहराएंगे। 121 करोड़ के खर्च से पुराने महाकाली मंदिर की जगह पर नया भव्य विशाल और सुंदर मंदिर बनाया गया है।
कालिका माता मंदिर ट्रस्ट के अनुसार पहली बार मंदिर में एक शिखर होगा। यहां पर पहले हजरत सदनशाह वाली पीर दरगाह थी। मंदिर के पुन:विकास के दौरान हिंदू और मुस्लिमों के बीच मैत्रीपूर्ण समझौते के तहत मंदिर के समीप में एक स्थान पर दरगाह को स्थानांतरित कर दिया गया। करीब साढ़े चार साल बाद मंदिर पूरी तरह से अपने गगनचुंबी शिखर पर सोने के कलश के साथ ध्वज पताका लहराने को बिल्कुल तैयार है।
प्रदेश के राजस्व मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी के अनुसार पावागढ़ पर महाकाली माता के नवीनीकृत मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को ध्वजारोहण करेंगे और मंदिर में दर्शन करेंगे।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने पीएम मोदी को मंदिर तक ले जाने के लिए अस्थायी रोपवे की जांच की। टीम ने मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के लिए लगाए गए खंभे की चरखी का परीक्षण भी किया।

सदियों तक नहीं लहराई गई ध्वजा

सदियों तक महाकाली मंदिर पर ध्वजा नहीं लहराने की वजह मंदिर के नव निर्माण से पहले महाकाली का मंदिर अधूरा था क्योंकि इसका शिखर खंडित था। वर्ष 1540 में महमूद बेगड़ा ने पावागढ़ पर आक्रमण कर मंदिर के शिखर को खंडित कर दिया था और कई मूर्तियां भी खंडित की थी। कनकाकृति महाराज दिगंबर भद्रक ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था लेकिन तब भी इस मंदिर का शिखर नहीं बन पाया था । मंदिर के शिखर पर दरगाह होने की कई किवदंतियां हैं। महमूद बेगड़ा के आक्रमण के बाद से ही महाकाली के मंदिर के शिखर को तोडक़र यहां सदनशाह पीर की दरगाह बना दी गई थी। तब से मंदिर का शिखर खंडित था इसलिए ध्वजा भी नहीं थी।

पावागढ़ नाम के पीछे कई किवदंतियां हैं। कहा जाता है कि पावागढ़ का महाकाली मंदिर भी एक शक्तिपीठ है क्योंकि यहां पर माता सती के दाहिने पैर का अंगूठा गिरा था, इसलिए महाकाली माता मंदिर को शक्तिपीठ के रूप में पूजा जाता है।