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निजी स्कूल में ट्रांसपोर्टेशन, होस्टल, स्टेशनरी फीस अनिवार्य नहीं

सरकार ने नौ इतर प्रवृत्तियों की फीस को किया वैकल्पिक, ३१ तक निजी स्कूलों को एफआरसी में फीस के लिए करना होगा आवेदन

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निजी स्कूल में ट्रांसपोर्टेशन, होस्टल, स्टेशनरी फीस अनिवार्य नहीं

अहमदाबाद. गुजरात के निजी स्कूल अब विद्यार्थी-अभिभावकों के पास से ट्रांसपोर्टेशन फीस, होस्टल फीस, पाठ्यपुस्तक/स्टेशनरी एवं भोजन के लिए फीस को अनिवार्य रूप से नहीं वसूल सकेंगे। इसको लेकर अभिभावकों पर दबाव नहीं डाल सकेंगे। सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर गुजरात सरकार ने इन चार प्रवृत्तियों की फीस के साथ कुल नौ प्रवृत्तियों की फीस को वैकल्पिक प्रवृत्ति घोषित किया है। इसके चलते निजी स्कूल अब इन सुविधाओं के लिए अनिवार्य रूप से फीस नहीं वसूल सकेंगे। इतना ही नहीं स्कूलों की ओर से हर साल विद्यार्थियों को प्रवास (पर्यटन), फील्ड ट्रिप पर ले जाने के नाम पर भी उसमें होने वाले खर्च के बहाने ऊंची फीस वसूलते हैं। इस फीस को भी वैकल्पिक फीस घोषित किया है।
इसके अलावा, घुड़सवारी, स्वीमिंग, क्लब की गतिविधियों, स्कूल जिस भी शिक्षा बोर्ड से संबद्ध हो उस बोर्ड के पाठ्यक्रम के लिए जरूरी ना हो ऐसी कोई भी गतिविधि के लिए भी अनिवार्य रूप से फीस नहीं वसूली जा सकेगी। इसके अलावा निजी स्कूलों को राज्य सरकार की ओर से समय समय पर दिए जाने वाले निर्देशों की पालना करनी होगी।
गुजरात सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीमकोर्ट की ओर से दिए गए निर्देश के तहत निजी स्कूल संचालकों, अभिभावकों से विचार विमर्श करने के बाद नौ इतर प्रवृत्तियों को वैकल्पिक घोषित किया है। इसकी अधिसूचना भी मंगलवार को जारी कर दी और बुधवार को समाचार-पत्रों के जरिए अभिभावकों-निजी स्कूलों को भी इसकी जानकारी दी। सार्वजनिक सूचना में सरकार ने जो निजी स्कूल अभी तक अपनी वर्ष २०१७-१८ और २०१८-१९ की फीस निर्धारित कराने के लिए फीस निर्धारण समिति (एफआरसी) के समक्ष आवेदन करने नहीं पहुंचे हैं उन्हें ३१ जुलाई तक आवेदन करने को कहा है। आवेदन के साथ हिसाब-किताब व अन्य दस्तावेज भी पेश करने होंगे।
ज्ञात हो कि इससे पहले भी सरकार ने निर्देश जारी करके स्कूलों को स्कूल से स्कूल ड्रेस, पाठ्यपुस्तक-स्टेशनरी व अन्य सामान नहीं बेचने को कहा था, लेकिन जून-२०१८ से शुरू हुए शैक्षणिक वर्ष में सरकार के इस निर्देश की पालना कराने को लेकर कोई कदम नहीं उठाए गए। लिहाजा ज्यादातर स्कूलों से इस वर्ष भी पाठ्यपुस्तकें, स्टेशनरी दी गई। स्कूल ड्रेस भी दी गई। नहीं तो तय की गई दुकान से खरीदने के लिए कहा गया।
यह नौ प्रवृत्तियां वैकल्पिक
1-ट्रांसपोर्टेशन, २-होस्टल, ३-भोजन सुविधा, ४-पर्यटन, प्रवास, फील्ड ट्रिप, ५-घुड़सवारी, ६-स्वीमिंग, ७-क्लब की प्रवृत्तियां, ८-पाठ्यपुस्तकें और स्टेशनरी, ९-संबंधित बोर्ड के पाठ्यक्रम का हिस्सा ना हों ऐसी कोई भी प्रवृत्ति या सुविधा