3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इंसानों का उपयोग, वस्तुओं से प्यार है दुखों का कारण : आचार्य सुनील सागर

गुजरात यूनिवर्सिटी परिसर में चातुर्मास प्रवचन अहमदाबाद. दिगंबर जैन आचार्य सुनील सागर ने शनिवार को कहा कि इंसानों का उपयोग करना और वस्तुओं से प्यार करना हमारे दुखों का कारण हैं।गुजरात यूनिवर्सिटी परिसर में चातुर्मास प्रवचन में उन्होंने कहा कि वस्तुएं उपयोग करने के लिए होती हैं और इंसान प्यार करने के लिए होते हैं।आचार्य […]

less than 1 minute read
Google source verification

गुजरात यूनिवर्सिटी परिसर में चातुर्मास प्रवचन

अहमदाबाद. दिगंबर जैन आचार्य सुनील सागर ने शनिवार को कहा कि इंसानों का उपयोग करना और वस्तुओं से प्यार करना हमारे दुखों का कारण हैं।गुजरात यूनिवर्सिटी परिसर में चातुर्मास प्रवचन में उन्होंने कहा कि वस्तुएं उपयोग करने के लिए होती हैं और इंसान प्यार करने के लिए होते हैं।
आचार्य ने कहा कि इंसानों से स्नेह करिए। इंसानों में, जानवरों में आत्मीयता दिखाइए। आजकल बड़ी परेशानी यह है कि हम मोबाइल जैसी वस्तुओं को महत्व देते हैं। नाचना है या आहार देना है तो बच्चे को एक तरफ रख देंगे। लेकिन मोबाइल को अपने से दूर नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि लोग समझ रहे हैं कि मेरे पास कीमती मोबाइल है और मैं इसका उपयोग कर रहा हूं, लेकिन इसका उल्टा हो रहा है। आप मोबाइल का उपयोग नहीं कर रहे हैं बल्कि मोबाइल आपका उपयोग कर रहा है जो जड़ है। उस मशीन ने आपको ऐसा गुलाम बना दिया है कि आप उसके दीवाने हैं। प्यारा मेहमान भी दरवाजे पर आकर खड़ा रहे, प्यारा बच्चा भी अगर रोता रहे और आप मोबाइल में व्यस्त हैं तो आप उसकी परवाह नहीं करेंगे।
आचार्य ने कहा कि वस्तुओं, इंद्रियों, पदार्थों के गुलाम न बनें। गुलाम बनना है तो भगवान जिनेंद्र के बन जाइए। बेगम के गुलाम बने तो कई जिंदगियां निकल गईं। लेकिन, गुलाम से बादशाह बनना है तो तीन लोक के बादशाह जिनेंद्र भगवान की शरण में आना पड़ेगा।