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IKF2023: अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में बना विश्व रेकॉर्ड, इतने देशों से पहुंचे हैं पतंगबाज

World record made in International Kite Festival in Ahmedabad, IKF2023 -गिनीज वल्र्ड रेकॉर्ड की ओर से मुख्यमंत्री को सौंपा गया प्रमाण पत्र, गुजरात का पतंग महोत्सव बना अंतरराष्ट्रीय आकर्षण, जी-20 की है थीम, वसुधैव कुटुम्बकम्-विश्व एक परिवार का भाव

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IKF2023: अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में बना विश्व रेकॉर्ड, 68 देश के 126 पतंगबाजों ने उड़ाई पतंग

IKF2023: अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में बना विश्व रेकॉर्ड, 68 देश के 126 पतंगबाजों ने उड़ाई पतंग

Ahmedabad. साबरमती रिवरफ्रंट पर रविवार सुबह अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2023 -IKF2023 का आगाज हुआ। इस पतंग महोत्सव में विश्व रेकॉर्ड भी बना है। इसमें एक साथ 68 देशों के 126 पतंगबाजों ने शामिल होकर पतंग उड़ाई। एक साथ इतने देश के पतंगबाजों के इक_ा होने का यह पहला अवसर था, जिससे गिनीज वल्र्ड रेकॉर्ड की ओर से मंच पर मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल को विश्व रेकॉर्ड का प्रमाण पत्र सौंपा गया।
पंतग महोत्सव का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री Bhupendra Patel ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई काइट फेस्टिवल की परम्परा आज वैश्विक पहचान बनी है। गुजरात का काइट फेस्टिवल अंतरराष्ट्रीय आकर्षण बन गया है। खुद सीएम भूपेन्द्र पटेल ने भी पतंग उड़ाई।
इस अवसर पर Ahmedabad के महापौर किरीटभाई परमार, पर्यटन सचिव हारित शुक्ला, पर्यटन आयुक्त आलोककुमार पाण्डेय, देश-विदेश से आए पतंगबाज, अतिथि, राजनयिक प्रतिनिधि, स्थानीय विधायक, मनपा पदाधिकारी, पार्षद और अन्य महानुभाव भी उपस्थित रहे।

विकास की पतंग दो दशकों से भर रही ऊंची उड़ान: पटेल
सीएम पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में Gujarat के विकास की पतंग लगातार दो दशकों से नई ऊचाइयां पार कर रही है। पतंग महोत्सव आकाश को पार करने, नई ऊचाइयों को पार करने का अवसर है। पतंग उन्नति, प्रगति तथा उड़ान की प्रतीक है। गुजरात विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली रेकॉर्ड जीत के चलते भाजपा और सरकार का सेवाभाव का दायित्व भी दो गुना बढ़ जाता है। इसका एहसास भी हमें है। विकास की यात्रा बरकरार रखने को पर्यटन तथा रोजगार पर विशेष बल दिया जा रहा है। यह फेस्टिवल इसका उदाहरण है।

20 साल में 8 करोड़ से 625 करोड़ पर पहुंचा कारोबार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Modi ने सीएम रहते परम्परागत त्योहारों-उत्सवों को जनभागीदारी के साथ लोकोत्सव के रूप में मनाने की अनूठी परम्परा स्थापित की है। इसका नतीजा है कि दो दशक पहले जहां गुजरात में पतंग का व्यापार केवल 8 से 10 करोड़ रुपए का था। अब यह बढकऱ वार्षिक 625 करोड़ रुपए का हो गया है। इससे 1 लाख 30 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। देश की काइट इंडस्ट्री में गुजरात की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत की है।

राज्य में 8 जगहों पर मनेगा महोत्सव
पर्यटन मंत्री मुलूभाई बेरा ने कहा कि पतंग महोत्सव 2023 Ahmedabad सहित वडोदरा, वडनगर, सोमनाथ, सोमनाथ, राजकोट, धोलेरा, धोरडो में मनाया जाएगा। इससे विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। ऐसे उत्सवों से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है। रोजग़ार के अवसर भी बढ़े हैं। पर्यटन मंत्री ने कहा कि रिवरफ्रंट पर आयोजित पतंगोत्सव में कुल 68 देशों के लगभग 125 पतंगबाजों के साथ 14 राज्यों के 65 पतंगबाज और गुजरात 660 से अधिक पतंगबाज शामिल हुए हैं।

इन देशों से आए हैं पतंगबाज
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, रूस, जर्मनी, ग्रीस, इजऱाइल, मिस्र, कोलम्बिया, डेनमार्क, न्यूज़ीलैण्ड, इंडोनेशिया, इटली, मेक्सिको, दक्षिण अफ्ऱीका, बेल्जियम, बहरीन, इराक़, मलेशिया, पॉलैण्ड, मॉरिशस, पुर्तगाल, स्विट्जऱलैण्ड, नीदरलैण्ड, श्रीलंका, नेपाल, जॉर्डन, ज़िम्बाब्वे, अल्जीरिया, बेलारूस सहित 68 देशों से 125 पतंगबाज आए हैं।