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भिनाय,केकड़ी व सावर तहसील के 154 गांव अभाव ग्रस्त घोषित

फसलों को 50 से 75 प्रतिशत तक हुआ नुकसानराज्य में 18 जिलों के 12 हजार 943 गांव भी अभावग्रस्त घोषित

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भिनाय,केकड़ी व सावर तहसील के 154 गांव अभाव ग्रस्त घोषित

ajmer

भूपेन्द्र सिंह
अजमेर. इस साल जमकर हुई बरसात से अजमेर जिले की 16 में से 3 तहसीलों के डेढ़ सौ से अधिक गांवों villages की crop फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई। ajmer जिला प्रशासन के प्रस्ताव के बाद सरकार ने जिले की भिनाय,केकड़ी और सावर तहसील के 154 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है। इन तहसीलों में 50 से 75 प्रतिशत तक फसल खराबा हुआ है। सावर तहसील के 48 गांव, केकड़ी के 62 तथा भिनाय के 43 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया गया है। भिनाय तहसील में 33 से 50 प्रतिशत, तहसील सावर में 33 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक खराबा हुआ है। तहसील केकड़ी एवं सावर में अतिवृष्टि से खेतों में जल भराव होने से फसल खराब हुई है। मूंग, मोठ, तिलहन व दलहन की फसलों को 80 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है। वहीं राज्य के 18 जिलों के 12 हजार 943 गांवों को भी अभावग्रस्त घोषित किया गया है।

यह कर सकती है सरकार
अभावग्रस्त गांवों में सरकार लैंड रेवन्यू के तहत वसूली जाने वाली लगान स्थगित कर सकती है। को-ऑपरेटिव की वसूली रोकी जा सकती है। मनरेगा के तहत कार्य दिवस बढ़ाए जा सकते हैं। 33 प्रतिशत से अधिक खराबे पर गांव को अभाष ग्रस्त घोषित करत हुए प्रभावितों को आदान अनुदान दिया जाता है। सरकार अदान अनुदान के तहत किसानों को मुआवजा दे सकती है।

जिले में यह है मूंग,उड़द व मूंगफली का उत्पादन
जिले में 1 लाख 24 हजार 709 हेक्टेयर में 5 लाख 85 हजार 587 क्विंटल मूंग का उत्पादन हुआ है। प्रति हेक्टेयर 4.70 क्विंटल मंूग का उत्पादन हुआ है। इसी तरह 37 हजार 16 हेक्टेयर में 1 लाख 46 हजार 811 क्विंटल उड़द का उत्पादन हुआ। उड़द का उत्पादन 3.97 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हुआ है। जिले में 1 हजार 515 हेक्टेयर में 12 हजार 264 क्विंटल मूंगफली का उत्पादन हुआ है। प्रति हेक्टेयर 8.10 क्विंटल मंूगफली का संभावित उत्पादन हुआ है।

फसलों के अलावा भी करोड़ों का नुकसान
ेजिले में इस साल बरसात ने जमर कहर बरपाया इससे जिले में 10 वर्षों की औसत वर्षा का रिकॉर्ड भी टूट गया। बरसात/बाढ़ के कारण जिले में 31 लोगों की डूबने व मलवे में दबने से मौत हो गई। करीब 400 कच्चे-पक्के मकान ढह गए। जलदाय विभाग की 4 पाइप लाइनें टूट गईं। सिंचाई विभाग के 3 तालाबों को नुकसान पहुंचा। पीडब्ल्यूडी की 22 सड़कें टूटे जिससे 4 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। अजमेर डिस्कॉम को जिले में 3 करोड़ का नुकसान हुआ। पीएचईडी की सावर, बनेडिय़ा एवं अजमेर में हुई सम्पतियों पर लगभग 32.21 लाख रूपए,जल संसाधन विभाग को 22 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। जिला परिषद को 118 लाख का नुकसान हुआ है। एडीए व नगर निगम को भी लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। जिले में बरसात से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए सात सदस्यीय राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि की केन्द्रीय टीम पिछले दिनों ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया था।

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