
ajmer
अजमेर. लॉक डाउन lock down के कारण जिले district में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 20 हजार 200 शौचालयों toilets को निर्माण नहीं हो सका। अब पंचायतों के जरिए इन शेष शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। जहां आवश्यकता होगी वहां सामुदायिक शौचालय बनाए जाएंगे। पंचायत स्तर पर इसके लिए ठेके किए गए हैं। जिला परिषद के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन व अन्य योजनाओं के तहत जिले में 2 लाख 62 हजार 522 शौचालय बनाए गए हैं। इसके बावजूद 67 हजार परिवार शौचालय की सुविधा से वंचित रह गए थे। इन परिवारों के लिए नए सिरे से नाम जोडऩे के साथ ही शौचालय का निर्माण शुरु किया गया था। लॉक डाउन से पूर्व इनमें से 42 हजार शौचायल बनाए गए जबकि 25 हजार शौचालयों का निर्माण लॉक डाउन के कारण अटक गया। बाद में इसके लिए जून की टाइम लाइन तय की गई। जिला परिषद को भी यह प्रमाण पत्र देना था कि जिले में कोई परिवार शौचालय निर्माण/आवेदन से वंचित नहीं है। लॉक डाउन हटा तो उसके बाद केवल 4 हजार 800 शौचालय ही बन सके। 20 हजार 200 शौचालयों का निर्माण फिर अटक गया। इन शौचालयों के निर्माणकर्ता परिवार को प्रोत्साहन राशि के रूप में 12 हजार रूपए का भुगतान किया जाना था। लेकिन कोराना वायरस महामारी के कारण चल रहे लॉक डाउन के कारण पूरी व्यवस्था ठप हो गई है। ब्लॉक अराई में 4972, भिनाय में 5277, जवाजा में 9512, केकड़ी में 6460, किशनगढ़ 5938, मसूदा में 7675, पीसांगन में 10729, सरवाड़ में 4548 तथा श्रीनगर ब्लॉक में 9385 शौचालय का निर्माण किया जाना था।
इसलिए पड़ी जरूरत
जिले में शौचालय निर्माण के लिए वर्ष 2012 में बेस लाइन सर्वे करवाया गया था। इस दौरान 2 लाख 84 हजार 397 परिवार चिह्नित किए गए। इनमें 2 लाख 57 हजार शौचालयों का निर्माण किया गया। सर्वे में कई परिवारों का दोहरा नाम जुड़ गया तो कई फर्जी नाम भी शामिल हो गए थे उन्हें सर्वे से हटा दिया गया। करीब 8 साल में कई नए परिवार बन गए जिन्हें शौचालय की आवश्यता है।
जिले में बने 2.62 लाख शौचालय
जिले के 9 ब्लॉक में अब तक 2 लाख 62 हजार 522 शौचालय बनाए गए हैं। अराई में 9568, भिनाय में 22469, जवाजा में 42104, केकड़ी में 33125, किशनगढ़ 30359, मसूदा में 29432, पीसंागन में 39011, सरवाड़ में 20605 तथा श्रीनगर ब्लॉक में 35459 शौचालय का निर्माण हुआ है।
इनका कहना है
शेष रहे शौचालय अब पंचायत स्तर पर बनाए जाएंगे। जहां आवश्यकता होगी वहां सामुदायिक शौचालय भी बनाए जाएंगे। इसके लिए ठेका किया गया है।
गजेन्द्र सिंह राठौड़, सीईओ जिला परिषद अजमेर
Published on:
14 Jul 2020 08:08 am
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
