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2019 में होंगे कई परीक्षा Innovation, कुछ यूं बदलेगा नजारा

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exam pattern in 2019

exam pattern in 2019

अजमेर.

परीक्षात्मक नवाचारों के लिहाज से साल 2019 काफी अहम होगा। सीबीएसई, महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय सहित इंजीनियरिंग और मेडिकल की परीक्षाओं में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। परीक्षा में बैठने विद्यार्थियों को नए कलेवर में परीक्षाओं में बैठना पड़ेगा।

पिछले तीस साल से सीबीएसई ही आईआईटी और एनआईटी संस्थानों में प्रवेश के लिए जेईई मेन्स (पूर्व में एआईआईई) परीक्षा करा रहा था। अगले साल से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यह परीक्षा दो मर्तबा कराएगी। परीक्षा जनवरी और अप्रेल में होगी। इसी तरह टेस्टिंग एजेंसी ही इस साल दिसम्बर और अगले साल जुलाई-अगस्त में यूजीसी-नेट परीक्षा कराएगी।

लॉ में बैक प्रणाली
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय विधि संकाय के प्रथम वर्ष में बैक प्रणाली लागू कर सकता है। साल 2019 में प्रथम वर्ष की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। इस पर सिद्धांतत: सहमति बन चुकी है। हालांकि लॉ कॉलेज में मौजूदा सत्र में प्रथम वर्ष के प्रवेश नहीं हुए हैं।

समान सिलेबस की कवायद

साल 2019 में देश के सभी इंजीनियरिंग कॉलेज में समान सिलेबस लागू करने की कवायद चल रही है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद बी.टेक के प्रथम सेमेस्टर में यह सिलेबस लागू करेगा। पूरे देश में 70 प्रतिशत सिलेबस एक जैसा होगा। 30 प्रतिशत सिलेबस में संबंधित राज्य स्थानीय और औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुसार बदलाव कर सकेंगे। बी. टेक की पढ़ाई के दौरान 20 प्रतिशत कक्षाएं ऑनलाइन होंगी। चार साल के 40 विषयों में से आठ की पढ़ाई विद्यार्थियों को ऑनलाइन करनी होगी।

एनटीए कराएगी नीट

मेडिकल संस्थानों में प्रवेश के लिए अब तक सीबीएसई नेशनल एलिजीबिलिटी कम एन्ट्रेंस टेस्ट (नीट) परीक्षा कराता रहा है। अगले साल से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी परीक्षा कराएगी। नीट का पेपर हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू सहित अन्य भारतीय भाषाओं में आएगा। मालूम होकि स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन की याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उर्दू भाषा में भी पेपर बनाने के निर्देश दिए हैं।

3.40 लाख विद्यार्थी देंगे परीक्षा

वर्ष 2019 की स्नातक और स्नातकोत्तर परीक्षाओं में करीब 3.40 लाख विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इनमें 1 लाख से ज्यादा विद्यार्थी तो प्रथम वर्ष के होंगे। अन्य विद्यार्थियों द्वितीय, तृतीय वर्ष, स्नातकोत्तर पूर्वाद्र्ध और उत्तर्राद्र्ध के विद्यार्थी शामिल होंगे। फार्म भरने की तिथियां, विद्यार्थियों की पेपर स्कीम, फीस और अन्य सूचनाएं कम्प्यूटर फर्म को दी जाएगी। यह विश्वविद्यालय के पोर्टल पर उपलब्ध होंगी।