
अजमेर। संभाग मुख्यालय के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के शिशु औषध विभाग (चिल्ड्रन वार्ड) में पिछले 24 घंटे में करीब 5 बच्चों की मौत हो गई। बच्चों की मौत शनिवार देर रात 5 से 7 घंटे के अंतराल में हुई। आनन-फानन रविवार सुबह करीब 5 बजे ही परिजन को शव सुपुर्द कर दिए गए। निजी एम्बुलेंस से 5 शव उनके पैतृक गांव भिजवाए गए। हालांकि अस्पताल प्रशासन दिनभर पुष्टि के नाम पर आंकड़े छुपाता रहा।
जेएलएन मेडिकल कॉलेज के जेएलएन अस्पताल में शिशु रोग विभाग की न्यू बॉर्न केयर यूनिट, आईसीयू एवं वार्ड में 5 मासूम बच्चों की पिछले 24 घंटे में मौत की घटना के बाद रविवार सुबह मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. वीर बहादुर सिंह, अधीक्षक डॉ. अनिल जैन, विभागाध्यक्ष डॉ. पुखराज गर्ग ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद प्रिंसीपल डॉ. सिंह ने सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त होने एवं सभी 53 वार्मर दुरुस्त होने का दावा किया। मगर जब उनसे बच्चों की मौत के आंकड़े जानने चाहे तो उन्होंने पहले इंकार किया और बाद में एसेंसी रिपोर्ट मांगने बात कर शाम तक मामला टालते रहे। शाम को पुष्टि की गई।
जनवरी माह 2020 की स्थिति
1 जनवरी को 3 नवजात की मौत
3 जनवरी को 1 नवजात की मौत
4 व 5 जनवरी को 5 बच्चों की मौत
(6 एनआईसीयू में मौत तथा 3 पीआईसीयू में मौत)
(62 बच्चों को इस दौरान भर्ती किया गया)
दिसम्बर 2019 में कुल 88 बच्चों की मौत
1592 नवजात/बच्चे कुल भर्ती।
88 नवजात की मौत।
54 एनआईसीयू में नवजात की मौत
34 पीआईसीयू में नवजात मौत
एम्बुलेंस से शव छोड़कर आने की पुष्टि
अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले को दबाने एवं आंकड़े छुपाने की कोशिश की गई मगर रात्रि में अन्य भर्ती मरीजों के परिजन व महिलाओं ने पांच बच्चों की मौत की बात कही। बाद में एम्बुलेंस संचालक के अनुसार वे सुबह 5 से 6 बजे के मध्य पांच एम्बुलेंस से अरांई, हरमाड़ा (अजमेर), बिदियाद (नागौर) तथा भीलवाड़ा से 25 किमी दूर गांव में नवजात बच्चों के शव छोड़ कर आए थे।
इनका कहना है
निरीक्षण में सभी व्यवस्थाएं सुचारू मिली है। सभी 53 वार्मर दुरुस्त हैं। जनाना अस्पताल में जेएलएन में सभी माकूल व्यवस्था की गई है।
-डॉ.वी.बी. सिंह, प्रिंसीपल जेएलएन मेडिकल कॉलेज
Published on:
05 Jan 2020 08:34 pm
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