
अजमेर . ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के प्रति लोगों की आस्था का कोई पारावार नहीं। गरीब नवाज के लिए अकीदत का आलम ये है कि शनिवार को आगरा से साइकिल रिक्शे से सफर करता हुआ एक जायरीन परिवार अजमेर पहुंचा। जय माखीजा

अजमेर . ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के प्रति लोगों की आस्था का कोई पारावार नहीं। गरीब नवाज के लिए अकीदत का आलम ये है कि शनिवार को आगरा से साइकिल रिक्शे से सफर करता हुआ एक जायरीन परिवार अजमेर पहुंचा। जय माखीजा

अजमेर . ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के प्रति लोगों की आस्था का कोई पारावार नहीं। गरीब नवाज के लिए अकीदत का आलम ये है कि शनिवार को आगरा से साइकिल रिक्शे से सफर करता हुआ एक जायरीन परिवार अजमेर पहुंचा। जय माखीजा

अजमेर . ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के प्रति लोगों की आस्था का कोई पारावार नहीं। गरीब नवाज के लिए अकीदत का आलम ये है कि शनिवार को आगरा से साइकिल रिक्शे से सफर करता हुआ एक जायरीन परिवार अजमेर पहुंचा। जय माखीजा