
compartment exam
अजमेर.
विद्यार्थियों की परीक्षा लेने के मामले में एमपीएस स्कूल के खिलाफ शिक्षा विभाग ने एफआईआर दर्ज कराई है। विभाग ने स्कूल की मान्यता निरस्त करने के लिए शिक्षा निदेशालय को पत्र भेजा है।
एमपीएस स्कूल ने गुरुवार को नवीं और ग्यारहवीं के 48 विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए बुलाया था। प्रशासनिक निर्देश पर महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल की प्राचार्य विजयलक्ष्मी यादव और राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य मंजु डीडवानिया और पुलिस मौके पर पहुंची। टीम ने विद्यार्थियों को तत्काल घर भेजा।
स्कूल के खिलाफ एफआईआर
प्रशासन के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने स्कूल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। विभाग ने शिक्षा निदेशालय को स्कूल की मान्यता निरस्त करने का पत्र भेजा है। मालूम हो कि सीबीएसई ने नवीं-ग्यारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रमोट करने के लिए सर्कूलर जारी किया है। इसमें प्रोजेक्ट, असाइनमेंट जैसे विकल्प शामिल है। सीबीएसई से सम्बद्धएमपीएस स्कूल सीबीएसई से सम्बद्ध है। इसकी मान्यता को लेकर शिक्षा विभाग के अलावा बोर्ड को भी फैसला लेना होगा। यह प्रक्रिया उच्च स्तरीय होती है।
विदेशी स्कूल के विद्यार्थियों की नहीं होगी परीक्षा
अजमेर. सीबीएसई से सम्बद्ध विभिन्न देशों के स्कूल में दसवीं-बारहवीं के बकाया पेपर नहीं होंगे। संबंधित देशों की सरकार की सख्त पाबंदियों के चलते बोर्ड ने यह फैसला लिया है। इन देशों के विद्यार्थियों को बोर्ड द्वारा निर्धारित मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत उत्तीर्ण किया जाएगा।
सीबीएसई के श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत सहित कई देशों में स्कूल है। कोरोना संक्रमण के चलते इन देशों में भी हालात खराब हैं। बोर्ड विदेश के स्कूल में दसवीं-बारहवीं के बकाया पेपर नहीं कराएगा। इन स्कूल के विद्यार्थियों को मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत पास किया जाएगा।
कंटेनमेंट जोन में नहीं होंगे केंद्र
सीबीएसई ने विद्यार्थियों-परिजनों से जुड़ी प्रश्नावली में साफ किया है, कि कंटेनमेंट जोन में परीक्षा केंद्र नहीं होंगे। इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को दूसरे परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाएंगे। विद्यार्थी परीक्षा केंद्र आवंटन अथवा बदलाव के लिए प्रार्थना पत्र स्कूल को देंगे। इसके लिए वे सीधे बोर्ड से संपर्क नहीं कर सकेंगे।
Published on:
06 Jun 2020 08:30 am
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