30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दोनों पक्षों में समझौता, आखिर 27 घंटे बाद उठाया शव

दोनों पक्षों में समझौता, आखिर 27 घंटे बाद उठाया शवसडक़ हादसे में युवक की मौत का मामला
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

Shiv Kumar Jangid

•

Updated: 24 Oct 2019, 11:44 PM IST

दोनों पक्षों में समझौता, आखिर 27 घंटे बाद उठाया शव

बिजयनगर में शव को सडक़ पर रख धरने पर बैठे ग्रामीण।

बिजयनगर (अजमेर ). सथाना के निकट हाइवे पर बुधवार को सडक़ हादसे में मृतक युवक के शव का 24 घंटे बाद पोस्टमार्टम हो सका। समझौता होने पर परिजन ने करीब 27 घंटे बाद शव उठाया।

इसके साथ ही पुलिस व प्रशासन ने राहत की सांस ली। शिखरानी निवासी गोपाल वैष्णव सथाना के निकट हाइवे स्थित पटेल कम्पनी में कार्य करता था। बुधवार दोपहर वह अपने साथी फतहगढ़ मरायला निवासी हरीश जाट के साथ मोटरसाइकिल पर निकला था। इसी दौरान हाइवे पर कार से भिड़ंत हो गई। हादसे में गोपाल की मौत हो गई। इधर शिखरानी से बड़ी संख्या में ग्रामीण व परिजन चिकित्सालय पहुंच गए और नियोक्ता कम्पनी से पर्याप्त आर्थिक सहायता दिलाने की मांग पर अड़ गए।

कम्पनी के प्रतिनिधियों से वार्ता हुई, लेकिन बात नहीं बनी। इससे शव बुधवार को मौर्चरी में पड़ा रहा। इधर गुरुवार सुबह दोनों पक्षों में कई बार वार्ता हुई लेकिन विफल रही। वार्ता बेनतीजा होते देख दोपहर करीब 12 बजे परिजन ने शव का पोस्टमार्टम तो करा लिया लेकिन बाद में शव को लेजा कर नियोक्ता कम्पनी के द्वार के बाहर सडक़ रख दिया। यहां बड़ी संख्या में परिजन व ग्रामीण धरने पर बैठ गए और मुआवजे की मांग करने लगे।

इस दौरान ग्रामीण कई बार आक्रोशित हो गए। दोपहर में सरपंच ने जिला कलक्टर को मामले से अवगत कराया। इस पर कलक्टर के निर्देश पर तहसीलदार स्वाती झा मौके पर पहुंची और कम्पनी प्रतिनिधियों व परिजन के मध्य वार्ता करवाई। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आर्थिक सहायता व बीमा राशि दिलवाने पर सहमति बनी। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव के लिए रवाना हुए।