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नहीं रहा इनकी ख़ुशी का ठिकाना जब पूरी हुई इनकी 12 सालों की तपस्या , पढ़ें क्या है पूरी खबर

वकीलों की 12 वर्ष पुरानी मांग हुई पूरी निर्माण पर खर्च होंगे 138 करोड़
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ajmer Court will be inaugurate new Building soon

नहीं रहा इनकी ख़ुशी का ठिकाना जब पूरी हुई इनकी 12 सालों की तपस्या , पढ़िए पूरी खबर

अजमेर . अजमेर के वकीलों का अदालत के नए भवन का सपना 12 साल बाद साकाहो गया। जयपुर रोड स्थित संयोगिता नगर की भूमि पर राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश प्रदीप नन्द्राजोग ने भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्य न्यायधीश ने कहा कि न्याय की शुरुआत दावे, जवाब दावे तथा वकीलों की बहस से शुरु होकर खत्म होती है इसके लिए भवन महत्वपूर्ण नहीं है। आम आदमी के लिए भी कोर्ट भवन निराशा का माहौल देते हैं। लेकिन आमजन के लिए न्याय की कीमत कभी कम नहीं होती।

अजमेर के वकीलों की 12 वर्ष पुरानी मांग हुई पूरी निर्माण पर खर्च होंगे 138 करोड़ चार बीघा भूमि पर होगा निर्माण

नई पीढ़ी आती है नई मांगे आती हैं, नए अधिकार और नई अपनेक्षाएं पैदा होती हैं। अवधारणा यह भी है गलत काम करोगे तो भगवान दंड देगा। वर्तमान युग में न्यायालय में यह कार्य होता है कि दोषी को जो सजा दी जाती है और इन सबमें वकील की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। वकालत से बेहतर कोई पेशा नहीं है। एक वकील संवैधानिक अधिकारों के दायरे में रहते हुए पक्षकारों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ते हुए उसे न्याय दिलाने का प्रयास करता है। चाहे व महात्मा गांधी हों,वल्लभ भाई पटेल हों या पंडित जवाहर लाल नेहरू हों इन लोगों ने वकालत के पेशे से शुरुआत कर स्वतंत्रता आन्दोलन को सफलता दिलाई। उन्होनें कहा कि न्याय के लिए यह भवन समुचित वातावरण उपलब्ध करवाएगा जिससे त्वरित व सुगम न्याय मिलेगा। अजमेर बड़ा न्याय क्षेत्र न्यायाधीश के.एस.अहलुवालिया ने कहा कि अजमेर में भवन का बनना जरूरी था। अजमेर का न्याय क्षेत्र बड़ा है।

भवन बनने के बाद पक्षकारों तथा वकीलों को न्याय प्राप्ति के लिए अच्छा माहौल मिलेगा। सुगम व त्वरित न्याय मिलने के लिए उचित वातावरण जरूरी होता है क्योंकि यहां राज्यस्तरीय संस्थान यह यहां विवाद भी अधिकत होते हैं। एेसे में यहां समुचित भवन व परिसर होना जरूरी है। न्यायिक कार्यप्रणाली की गुणवत्ता बढ़ेगी न्यायाधीश अजय रस्तोगी ने कहा कि मैं वर्ष 2010 से पहले निरीक्षक जज था। यहां कई बार आना हुआ इस भवन की जमीन के लिए कवायद तभी से शुरु हो गई थी। यहां के वकीलों के अथक प्रयास का ही नतीजा है कि यह मांग पूरी हुई। न्यायाधीशों एवं वकीलों को अब अच्छा माहौल मिलेगा। जब न्यायिक कार्यप्रणाली की गुणवत्ता बढ़ेगी और जो पक्षकार न्याय की उम्मीद लेकर आते हैं उन्हें त्वरित न्याय मिलेगा यही इस भवन की सार्थकता है।आज हासिल हुआ मुकामउच्च न्यायालय के न्यायाधीश तथा अजमेर बार के सदस्य रह चुके महेन्द्र माहेश्वरी ने कहा कि अजमेर बार को प्रारम्भ से ही देखा है, जिस प्रकार बार विकसित हुई है।

उसी तरह अब यहां हाईटेक भवन विकसित होने जा रहा है। बार पदाधिकारी कई वर्षो से लगन से लगे हुए थे आज मुकाम हासिल हुआ है। जिला एंव शेषन न्यायाधीश विनोद भारवानी ने स्वागत भाषण दिया तथा संयोगिता नगर योजना तथा कोर्ट कॉम्पेक्स निर्माण पर प्रकाश डाला।बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहन सिंह राठौड़ ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन बार सचिव नरेन्द्र सिंह राठौड़ ने किया। भीलवाड़ा एडीए किशन गुर्जर तथा अजमेर बार कार्यकारिणी के सदस्यों न्यायाधीशों को स्मृति चिन्ह भेट किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व न्यायाधीश तथा अधिवक्ता शामिल हुए।

9 मंजिला होगा कोर्ट कॉम्पलेक्स

निर्माण एजेंसी आरएस आरडीसी एक्सईएन अरुण माथुर ने भवन निर्माण का डिजाइन तथा रूपरेखा की जानकारी दी। संयोगिता नगर की 4 बीघा भूमि पर 9 मंजिली कोर्ट कॉम्पलेस भवन बनाया जाएगा। इस पर 138 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रारंभिक चरण में 90 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कॉम्पलेक्स में चारदीवारी तथा भूतल में पार्र्किंग की व्यवस्था होगी। वकीलों के लिए 250 चैम्बर्स, कोर्ट भवन, न्यायधीश कक्ष, पक्षकारों के बैठने के लिए स्थान, फैसिलेटिंग एरिया, कैफेटिया आदि का निर्माण प्रस्तावित है। हाईटेक भवन में लिफ्ट, सीसी टीवी कैमरा, इंटरनेट अदि की सुविधा उपलब्ध होगी।कोर्ट भूमि पर नहीं हो अतिक्रमणबार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजेश टंडन ने मुख्यन्यायाधीश का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कोर्ट की भूमि पर चाट पकौड़े तथा फास्टफूड वाले केबिने लगा कर अतिक्रमण कर लेते हैं। अवांछनीय गतिविधियां भी होती है। इस पर रोक लगाई जाई। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने आईजी मालिनी अग्रवाल को इसके लिए पाबंद किया।