
अजमेर डिस्कॉम ने टाटा पावर को जीएसटी वसूली बंद करने के दिए निर्देश
अजमेर.
राज्य में एकमात्र अजमेर ही ऐसा शहर है जहां नए कनेक्शन लेेने वाले बिजली उपभोक्ताओं पर जीएसटी का भार पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन सहित अन्य कार्यों पर जीएसटी देना पड़ रहा है। जीएसटी की वसूली डिस्कॉम से अनुबंधित टाटा पॉवर कम्पनी की ओर से की जा रही है। चौंकाने वाली स्थिति तो यह है कि अजमेर शहर में ही जो क्षेत्र कम्पनी के जिम्मे नहीं हैं, वहां डिस्कॉम की ओर से किसी तरह का जीएसटी नहीं वसूला जा रहा है। मामला ऊर्जा मंत्री बी.डी. कल्ला तक पहुंचने के बाद अजमेर डिस्कॉम ने कम्पनी को जीएसटी वसूली बंद करने का आदेश जारी किया है।
इन सेवाओं पर लग रहा जीएसटी-
कम्पनी की ओर से नॉन टैरिफ सर्विस के तहत लाइन शिफ्टिंग, नई लाइन खींचने, नए कनेक्शन में लाइन खींचने पर, नए कनेक्शन में फिक्स चार्ज और मीटर बॉक्स पर जीएसटी, नए कनेक्शन में मीटर पर भी जीएसटी लगाया जा रहा है। इनके लिए डिमांड जारी करने के साथ ही १८ प्रतिशत जीएसटी लगाने से नए कनेक्शन सहित अन्य कार्य मंहगे पड़ गए हैं।
बड़ा सवाल : अकेले अजमेर में ही जीएसटी क्यों?
राजस्थान में अजमेर ही ऐसा शहर हैं, जहां अनुबंधित कम्पनी विद्युत कनेक्शन देने सहित अन्य पर होने वाले खर्च में जीएसटी वसूल रही है। जबकि अजमेर के अलावा जयपुर व जोधपुर डिस्कॉम सहित कोटा,भरतपुर तथा बीकानेर में विद्युत व्यवस्था संभाल रही अन्य अनुबंधित कम्पनी सीईएससी उपभोक्ताओं से जीएसटी नहीं वसूल रही है।
जीएसटी से इतना बढ़ा भार-
सर्विस डिस्कॉम कम्पनी
नया कनेक्शन(सामान्य) 3900 4939
मीटर जांच -सिंगल फेस 35 41
मीटर जांच-थ्री फेस 70 83
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डिस्कॉम इसलिए नहीं वसूल रहा जीएसटी-
जीएसटी अधिनियम के नोटिफिकेशन संख्या २/२०१७ दिनांक २८ जून २०१७ तथा १२/२०१७ दिनांक २८ जून २०१७ के तहत विद्युत प्रसारण व वितरण की गतिविधियां विद्युत वितरण निगमों के लिए कर मुक्त हैं। एेसी गतिविधियां जिनके बिना विद्युत वितरण संभव नहीं है को विद्युत अधिनियम के तहत को परिपत्र संख्या ३४/८/२०१८-जीएसटी के पैरा संख्या ४(१) के तहत कर योग्य माना गया है। जिसके विरुद्ध अजमेर डिस्कॉम सहित अन्य सरकारी कम्पनियों ने राजस्थान उच्च न्यायालय की खंड पीठ के समक्ष रिट कर रखी है। इसलिए टाटा पावर को जीएसटी वसूली का हक नहीं है।
इनका कहना है-
टाटा पावर मैनेजमेंट के डायरेक्शन है कि जीएसटी लेना है और जमा करवाना है। गर्वनमेंट ऑफ इंडिया से एडवांस रूलिंग ली है। इसलिए जीएसटी जमा करवाना अनिवार्य है। नोटिस आ सकता है पेनल्टी लग सकती है। अजमेर डिस्कॉम का लैटर आया है उसे हमने अपने मुम्बई कॉर्पोरेट मुख्यालय भेजा है। यह पॉलिसी डिसीजन हैं वहां से जो डिसीजन आएगा उसे फॉलो करेंगे।
गजानंद काले,सीईओ टाटा पावर,अजमेर
जीएसटी लगाने से पहले टाटा पावर को डिस्कॉम से लिखित में पूछना चाहिए था। डिस्कॉम से बिना पूछे जीएसटी कैसे ले सकते हैं? अजमेर डिस्कॉम व टाटा पावर में एक ही रेट होना चाहिए। इसलिए जीएसटी वसूली बंद करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
-वी.एस.भाटी,एमडी अजमेर डिस्कॉम
Published on:
07 May 2019 09:06 pm
