Ajmer Nagar Nigam : पार्षद बोले- हमने नहीं लिए ‘लिफाफे’, हो रही है बदनामी

नगर निगम की साधारण सभा में उठा था मंथली प्रकरण

अजमेर. नगर निगम की साधारण सभा में उठे मंथली प्रकरण विवाद के बाद पार्षदों में खासी हलचल मची हुई है। पार्षद चन्द्रेश सांखला द्वारा सार्वजनिक तौर पर मंथली (लिफाफा) में नाम घसीटे जाने से अधिकांश नाराज हैं। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधियों को बदनाम करने की साजिश बताया है। पार्षदों ने इसे कथित तौर पर दो भाजपा पार्षदों की परस्पर अदावत बताया है।
नगर निगम की 10 व 11 फरवरी को हुई साधारण सभा में भाजपा पार्षद चन्द्रेश सांखला ने महापौर धर्मेन्द्र गहलोत पर मंथली देने का आरोप लगाया था। इस पर पार्षद चन्द्रेश को दो दिन तक लगातार सदन से निष्कासित कर दिया गया था।

व्यर्थ किया जा रहा बदनाम

यह भाजपा पार्षदों का आपसी विवाद है। इसमें पार्षदों को घसीटा जा रहा है। हमें आज तक किसी ने लिफाफा न तो दिया और न ही हमने कभी लिया है। साधारण सभा में हुए विवाद के कारण ही हम पार्षदों को बदनामी झेलनी पड़ रही है।

- सुनील कैन, पार्षद कांग्रेस
आपस की बातों में उलझाया जा रहासाधारण सभा में महापौर स्वयं कह चुके है कि मैंने कोई लिफाफा नहीं दिया है। हमने भी कोई लिफाफा नहीं लिया। जमीनों को लेकर सांखला और वालिया के बीच आपस में विवाद के कारण ही यह हो रहा है।- द्रोपदी देवी, पार्षद कांग्रेस

आत्म सम्मान को पहुंची ठेस
पार्षदों को लिफाफा दिए जाने का आरोप निराधार है। आरोप लगाने वाला इसे साबित करें। इससे हमारे आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है। सांखला और वालिया के बीच आपसी विवाद के कारण ऐसे आरोप लगाए गए।- सन्तोष मौर्य, पार्षद भाजपा

‘मंथली का आरोप सरासर गलत’
मंथली लेने और देने जैसी बात सरासर गलत है। ऐसा कुछ भी नहीं है। निगम में 60 पार्षद है। सबकी विचारधारा अलग-अलग होती है। कुछ लोग आपसी स्वार्थो को लेकर नगर निगम को बदनाम कर रहे है। - महेन्द्र जादम, पार्षद भाजपा

मैं अभी इस मामले में कुछ भी नहीं कह पाऊंगा।
- चन्द्रेश सांखला, पार्षद


जांच में हो जाएगा खुलासासाधारण सभा में जो मामला उठा था वह प्रदेश कमेटी के पास पहुंचा है। प्रदेश कमेटी की जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

- अनिता भदेल, विधायक दक्षिण

मुझे नहीं कोई जानकारी
विधानसभा चल रही है। मैं वहां पर हूं। मेयर ही इस पर टिप्पणी कर सकेंगे। मैं आकर उनसे चर्चा करूंगा। लिफाफे लेने-देने जैसी कोई जानकारी नहीं है।

- वासुदेव देवनानी, विधायक उत्तर

शहर पर ध्यान देना चाहिए
मैं दिल्ली हूं, लेकिन न्यूज के माध्यम से मुझे इसकी जानकारी मिली। यह तो बातें है बातों का क्या। इसकी पुष्टि नहीं है। पार्षदों को शहर के विकास पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप में समय पूरा कर दिया है। स्मार्ट सिटी का फंड आया है वह समय से लग जाता तो शहर का विकास होता।

- हेमंत भाटी, कांग्रेस नेतानिष्पक्षता से होनी चाहिए जांच
साधारण सभा में भाजपा का पार्षद ही मंथली देने का आरोप लगा रहा है तो इसकी निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। निष्पक्ष जांच में ही दूध का दूध पानी का पानी हो सकता है।

- विजय जैन, अध्यक्ष शहर कांग्रेस

himanshu dhawal Reporting
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