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पहले दिन 7-7 पुलिसकर्मियों को मिला साप्ताहिक अवकाश

पुलिस साप्ताहिक अवकाश : रामगंज में 2 हैडकांस्टेबल व 5 जवान को मिला साप्ताहिक अवकाश, आदर्शनगर में दो हैडकांस्टेबल दो सिपाही ने मनाया अवकाश
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Ajmer Police- Weekly holidays received 7-7 policemen on the first day

पहले दिन 7-7 पुलिसकर्मियों को मिला साप्ताहिक अवकाश

अजमेर. आखिर पुलिस के जवानों का बहुप्रतिक्षित साप्ताहिक अवकाश व्यवस्था मंगलवार से जिले के रामगंज व आदर्शनगर थाने में लागू हो गई। प्रायोगिक तौर पर दो थाने में शुरू किए गए साप्ताहिक अवकाश में पहले दिन रोस्टर प्रणाली से 7-7 जवानों को छुट्टी दी गई।

पुलिस मुख्यालय के आदेश पर मंगलवार को जिले के अजमेर दक्षिण सर्किल के रामगंज व आदर्शनगर थाने में साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था को लागू कर दिया गया। सुबह 9 बजे से चौबीस घंटे के लिए दोनों पुलिस थाने के 7-7 जवान को चौबीस घंटे के लिए साप्ताहिक छुट्टी दी गई। यह जवान अब बुधवार सुबह 9 बजे थाने में उपस्थिति दर्ज करवाएंगे। फिर बुधवार को रोस्टर प्रणाली से तैयार किए गए चार्ट के मुताबिक 7 अन्य जवान साप्ताहिक अवकाश पर जाएंगे। यह क्रम यूं ही लगातार चलता रहेगा।
पहले दिन इन्हें मिली छुट्टी

-रामगंज थाने में पहले दिन हैडकांस्टेबल हरफूल सिंह, सुरेन्द्र सिंह, सिपाही शंकर, गोविन्द, मनोहर, नृसिंह व गिरधारी सिंह शामिल है।
-आदर्शनगर थाने में हैडकांस्टेबल रामकिशन, बाबूलाल, सिपाही बिरदीचंद, रामलखन को साप्ताहिक अवकाश दिया गया। वहीं रोस्टर में आए दो सिपाही पहले से अवकाश पर है जबकि एक मध्यप्रदेश में ट्रेनिंग ड्यूटी पर है।

जवानों में खुशी की लहर
साप्ताहिक अवकाश व्यवस्था अजमेर जिले में लागू होने से पुलिस के जवानों में खुशी नजर आई। पुलिसकर्मियों का तर्क था कि कम से कम सप्ताह में चौबीस घंटे ऐसे आएंगे,जिनमें वे अपने परिवार और बच्चों को समय दे सकेंगे। उनका भी मानना है कि आपात स्थिति में अवकाश निरस्त होने पर उन्हें मलाल नहीं है। पुलिस ड्यूटी भी सेवा का हिस्सा है, लेकिन अब उन्हें भी अन्य विभागों के कर्मचारियों के तरह साप्ताहिक अवकाश मिलेगा। जिसमें वे परिवार को समय दे सकेंगे।

पहले से है कमी
अजमेर जिले 35 पुलिस थानों में मौजूदा नफरी तय नफरी से काफी कम है। ऐसे में साप्ताहिक अवकाश के बाद थानों में पुलिस कर्मियों की नफरी काफी कम हो जाएगी। जानकारी अनुसार जिले के गतवर्ष भर्ती हुए साढ़े 6 रंगरूट मध्यप्रदेश में प्रशिक्षण ले रहे है। अक्टूबर तक प्रशिक्षण कर लौटने के बाद ही जिला पुलिस के पास पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मिल पाएगा।