
ड्रोन फोटो- जय माखीजा
पुष्कर। झमाझम बरसात होने से पुष्कर सरोवर में करीब 15 फुट से अधिक जल स्तर की बढ़ोतरी हुई है। जलस्तर बढ़कर करीब 27 फीट हो गया है। नाग पहाड़ी से झरने फूटने से तीनों फीडर में पानी उफना। हाई ब्रिज के पीछे का जलभराव क्षेत्र जलमग्न हो गया। प्रशासन को पांच होटलों में ठहरे पर्यटकों से कमरे खाली कराने पड़े।
तेज बरसात से नाग पहाड़ी से अगस्त ऋषि, बामदेव ऋषि, पंचकुंड, पांडुबेरी, नारी का फ़र्रा,अगस्त्य ऋषि की गुफा स्थानों से झरने फूट पड़े तथा कपिल कुंड फीडर, खरेखडी और सावित्री फीडर में उफान पर जल बहकर पुष्कर सरोवर में नदी के रूप में आ मिला। सिल्टडेम सहित फीडर पानी से लबालब हो गए। सरोवर के 52 घाटों का एक दूसरे से सम्पर्क कट गया।
गुरुद्वारा मार्ग, पुष्कर का वराह घाट चौक, परिक्रमा मार्ग में पानी एकत्र होने से राहगीरों को परेशानी हुई। पुराने रंगजी के मंदिर इलाके में घरों में 4 फीट जल भरने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया।
नाग पहाड़ी पर लोग झरनों का लुत्फ उठाने के लिए पहुंच गए। बूढ़ा पुष्कर सरोवर में करीब 8 से 10 फीट जल की आवक हो पाई है। प्राचीन भटबाय गणेश मंदिर की बावड़ी लबालब होने से गणेश प्रतिमा जलमग्न हो गई । जिला कलक्टर लोकबंधु ने नगर परिषद आयुक्त जनार्दन शर्मा, उपखंड अधिकारी गौरव मित्तल के साथ दौरा किया।
कई होटलों में पानी चला गया। उपखंड अधिकारी ने लगभग पांच होटल में ठहरे हुए पर्यटकों को कमरा खाली करने के निर्देश दिए। सिविल डिफेंस टीम ने डूब क्षेत्र में फंसे लोगों को रेस्क्यू किया। होकरा गांव में पानी में डूबे हुए परिवार को बचाया। होकरा, कानस गांव में एक मकान गिर गया। परिक्रमा मार्ग में एक रेजीडेन्सी कॉलोनी की दीवार गिर गई।
मूसलाधार बरसात का क्रम रुक-रुक कर जारी रहा। रात 9:00 बजे तक तेज गति से बरसात होने से पूरा जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। माली मोहल्ले के अधिकांश घर बरसात के पानी से लबालब हैं। करीब तीन-तीन फीट तक घरों में पानी व गंदगी जमा हो गई है। आपातकालीन हालात से निपटने के लिए सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ, एनडीआरफ की टीमों को सतर्क कर दिया गया है।
Updated on:
19 Jul 2025 04:28 pm
Published on:
19 Jul 2025 04:28 pm
