
ajmer roadways bus stand
अजमेर.
कहने को अजमेर शहर स्मार्ट सिटी में शामिल है लेकिन अजमेर में प्रवेश करते ही ऐसा लगता है कि स्मार्ट सिटी में नहीं बल्कि किसी दूरदराज के गांव में आ गए हैं। अजमेर का केन्द्रीय बस स्टैड बदहाल है, यात्रियों की मूलभूत सुविधाएं भी नदारद हैं हालांकि इसके उटल बस स्टैंड के संचालक अधिकारियों का दावा है कि यहां सफाई व्यवस्था से लेकर अन्य सुविधाएं एयरपोर्ट के बराबर हैं।
पत्रिका टीम ने जब बस स्टैंड का जायजा लिया तो हालात दावे के विपरीत नजर आए। यात्रियों को प्लेटफार्म पर बैठने के लिए पर्याप्त बेंच नहीं है। मजबूरी में उन्हें फर्श पर ही बैठना पड़ता है। कुछ तो प्रवेश व निकास द्वार की सीढिय़ों पर बैठ जाते हैं इससे लोगों को आने जाने में असुविधा होती है। वेटिंग रूम में कुर्सिया टूटी हुई हैं, ऐसी बंद हैं। वाटर कूलर में पानी नहीं हैं। यह बंद पड़े हैं मजबूरी में लोगों को पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही हैं।
न कैमरे न सुरक्षा
बस स्टैैड पर प्रतिदिन 600 बसों तथा 12000 यात्रियों का आवगमन होता है। इसके बावजूद यहां सुरक्षा नदारद हैं। बस स्टैंड पर सुरक्षा के लिए कैमरे नहीं है। इससे यहां होने वाली किसी भी गतिविधि पर नजर नहीं रखी जा सकती। कहने को बस स्टैंड पर पुलिस चौकी है लेकिन बस स्टैंड पर पुलिस नजर नहीं आती है। बस स्टैंड पर आए दिन चोरी सहित अन्य वारदाता होती हैं।
यह सिस्टम बंद हैं
बस स्टैंड पर बसों को लेकर किए जाने वाले अनाउंसमेंट सिस्टम बंद हैं। टीवी सिस्टम बंद पड़े हैं। बस स्टैंड बसों की जानकारी देने वाले एलईडी बोर्ड भी बंद हैं। प्लेट फार्म पर पंखे भी बंद पड़े हैं। पानी की टंकियां टूटी हुई हैं। इनमें पानी नहीं हैं। इनकी सफाई नहीं होने से ये गंदगी से अटी पड़ी हैें। इन पर ढक्कन नहीं है। पत्थर व गत्ते रखकर इन्हें ढंका गया है। रोडवेज का रिकॉड सीढिय़ों पर पड़ा हुआ है।
Published on:
08 Apr 2019 07:14 am
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