
AJMER URS 2020 : कुल की रस्म के साथ उर्स सम्पन्न, लौटने लगे जायरीन,AJMER URS 2020 : कुल की रस्म के साथ उर्स सम्पन्न, लौटने लगे जायरीन,AJMER URS 2020 : कुल की रस्म के साथ उर्स सम्पन्न, लौटने लगे जायरीन
अजमेर. सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 808वें उर्स में सोमवार को कुल की रस्म के दौरान अकीदतमंद का सैलाब उमड़ा। इस दौरान एक तरफ दरगाह जहां गुलाबजल और केवड़े से महक रही थी वहीं सूफियाना कलाम हर किसी को झूमने पर मजबूर कर रहे थे। तोप व शादियाने की गूंज के बीच जायरीन में कुल के छीेंटे देने की होड़ मची रही। इसी के साथ जायरीन के लौटने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। हालांकि बड़े कुल की रस्म 5 मार्च को अदा की जाएगी, तब तक कई जायरीन यहां रुके रहेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष बिरला की चादर अजमेर दरगाह में पेश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से सोमवार को सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 808 वें उर्स के मौके पर दरगाह में चादर पेश की गई। बिरला के ओएसडी राजीव दत्ता चादर लेकर अजमेर आए। उन्होंने मजार पर मखमली चादर और अकीदत के फूल पेश कर अमन-चैन की दुआ मांगी और उर्स के मौके पर भेजे गए बिरला के संदेश को पढकऱ सुनाया। बिरला ने अपने संदेश में कहा है कि गरीब नवाज ने देश दुनिया के लिए जो पैगाम उस वक्त दिया था वह आज के समाज और दौर के लिए उतना ही जरूरी और प्रासंगिक है। ख्वाजा साहब पूरी दुनिया के लिए अमन का एक पैगाम थे। देश में भाईचारा कायम रखने, सभी धर्मों-लोगों को साथ लाने और देश की बेहतरी के लिए काम करने के लिए उसी संदेश को अपनाने की आवश्यकता है।
Published on:
02 Mar 2020 10:11 pm
