
अजमेर . स्वाइन फ्लू पीडि़ता की मौत के बाद एम्बुलेंस चालकों ने बड़ी अमानवीयता से शव ले जाने से इन्कार कर दिया। मृतका के परिजन की ओर से एम्बुलेंस चालकों को नियमानुसार किराया देने के बावजूद चालक शव ले जाने को तैयार नहीं हुए। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को शिकायत के बावजूद व्यवस्था नहीं होने पर परिजन बाद में निजी कार से ही शव को घर तक ले गए।
जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में उपचाररत स्वाइन फ्लू पीडि़ता बालूपुरा (माखूपुरा) निवासी कांता पत्नी ओमप्रकाश की रविवार अपराह्न करीब 4 बजे मृत्यु हो गई। अस्पताल प्रशासन की ओर से स्वाइन फ्लू पीडि़ता के शव को पैकिंग कर परिजन को सुपुर्द किया, मगर परिजन एम्बुलेंस के लिए भटकते रहे। एक के बाद एक एम्बुलेंस चालक के पास गए मगर स्वाइन फ्लू से मृत्यु की वजह सुनकर पीछे हटते गए।
बाद में परिजन व अस्पताल कार्मिकों ने चिकित्सा विभाग को शिकायत दी। बाद में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से सूचना के बाद एम्बुलेंस की व्यवस्था का प्रयास किया तब तक परिजन निजी कार से शव को लेकर रवाना हो गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.के. सोनी के अनुसार विगत 4 जनवरी को स्वाइन फ्लू संदिग्ध के रूप में जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव रिपोर्ट आने पर उपचार शुरू कर दिया मगर रविवार को उसकी मौत हो गई।
फिर कौन करेगा एम्बुलेंस की व्यवस्था!
स्वाइन फ्लू से मौत के बाद शव को ले जाने से इन्कार करने वाले एम्बुलेंस चालकों से समझाइश कर उनमें जागरुकता का प्रयास करना चाहिए। शव को आइसोलेट करने के बाद परिजन को सुपुर्द किया जाता है। इसके बावजूद एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराते हैं तो कार्रवाई होनी चाहिए या फिर अस्पताल प्रशासन को एम्बुलेंस की व्यवस्था करनी चाहिए।
एक और पॉजीटिव केस
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को जेएलएन अस्पताल में भर्ती अरांई के आकोडिय़ा निवासी 45 वर्षीय महिला की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। महिला को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है। स्वाइन फ्लू से अजमेर में पिछले 14 दिन में दूसरी मौत हो चुकी है वहीं सात पॉजीटिव आ चुके हैं।
Published on:
15 Jan 2018 08:50 am
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