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हजारों स्टूडेंट्स के मतलब की खबर, 53 तहसील में शुरु होंगे बीएड कोर्स

तहसील में बीएड कॉलेज/कोर्स के लिए एनओसी और अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी जरूरी होंगे।

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b.ed course in rajasthan

b.ed course in rajasthan

राज्य की 53 तहसील में बीएड कोर्स शुरू होंगे। इनमें सत्र 2019-20 से बीएड कोर्स में प्रवेश होंगे। इससे पहले संबंधित तहसील में बीएड कॉलेज/कोर्स के लिए एनओसी और अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी जरूरी होंगे। इसके बाद ही इनमें दाखिले हो सकेंगे।

प्रदेश में बीएड कोर्स में करीब 1 लाख सीट हैं। इनमें दो वर्षीय बीएड, चार वर्षीय बीएससी और बीए बीएड कोर्स शामिल हैं। इनके अलावा एमएड, एमपीएड, तीन वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड-एमएड कोर्स भी संचालित हैं। बीएड कॉलेज संभाग, जिला, उपखंड के अलावा तहसील मुख्यालयों पर हैं।

सरकार 53 तहसील में बीएड कोर्स खोलना चाहती है। इसको लेकर प्रारंभिक तैयारियां शुरू की गई हैं। संबंधित तहसील में 2019-20 में बीएड कोर्स प्रारंभ होंगे। मालूम हो कि इस वर्ष 13 मई को दो वर्षीय बीएड और चार वर्षीय बीएससी-बीएड कोर्स की प्रवेश परीक्षा महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय कराएगा। यह परीक्षा दो पारियों में कराई जाएगी। विद्यार्थियों को बीएड कोर्स में दाखिले मिलेंगे।

यह हैं तहसील

अरांई, भिनाय, टांटोटी, टॉडगढ़, मसूदा, अबापुरा, छोटी सरवन, गागड़तलाई, गानोडा, छबड़ा, छीपाबड़ौद, बायतूं, गडरा रोड, गिडा, शिव , पहाड़ी, बदनौर, बनेड़ा, कोटड़ी, फूलियां कला, रायपुर , सहाड़ा, केशोरायपाटन, नैनवा, बेगूं, निम्बाहेड़ा, राजाखेड़ा, बिच्छीवाड़ा, चिकली, गलियाकोट, जोथाड़ी, सबला, रानीवाड़ा, गंगाधर, मनोहरथाना, बाप, बावड़ी, मांड्रयाल, सोजत, अरनोद, पीपलखूंट, भीम, गडबोर, खमनोर, कुंभलगढ़, बामनवास, खंडार, मलारना डूंगर, वजीरपुर, कोटड़ा, लसाडिय़ा, सराडा, सेमारी

चार साल का कोर्स
बीएड का कोर्स चार वर्षीय होने जा रहा है मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने चार वर्षीय कोर्स तैयार करने को कहा है। विद्यार्थियों को बारहवीं के बाद इस कोर्स में एडमिशन मिल सकेगा। यह चार साल का कोर्स देश के सभी यूनिवर्सिटी में चलाया जाएगा।

बीमा कराती है सरकार
राज्य सरकार प्रत्येक सत्र में बीएड के विद्यार्थियों का बीमा कराती है। दस साल पहले विद्यार्थियों की विभीत्स दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से प्रदेश में कॉलेज और यूनिवर्सिटी में सभी विद्यार्थियों का बीमा कराना जरूरी कर दिया है। इसके लिए विद्यार्थियों से चालीस-पचास रुपए फीस में लिए जाते हैं। सरकार के बीमा कराने से विद्यार्थियों को घायल होने अथवा मृत्युकारित होने पर परिवार को बीमा राशि मिलती है।