अजमेर. फर्जी पुलिसकर्मी (fake police cops) बनकर ठगी करने वाले दो आरोपी सिविल लाइंस थाना पुलिस के हत्थे चढ़े गए। आरोपी मौका मिलते ही वारदात (incident) अंदाम देने में माहिर हैं। दोनों ने प्रदेश के विभिन्न शहरों में लोगों को ठगने (looted peoples) का खुलासा किया है।
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पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि 26 अक्टूबर को सावित्री चौराहा पर फर्जी पुलिसकर्मी (fake police cops) बनकर लुटेरे ने झारला थाना पीलवा निवासी उगमाराम (19) के18 हजार रुपए उड़ा लिए थे। लुटेरों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए तलाशी देने (search) को कहा। बाद में दोनों ने असली नोट लेकर उसे खाली कागज थमा दिए थे। पीडि़त (victim) ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर नारायणसिंह टोगस, सीओ नॉर्थ डॉ. प्रियंका, सिविल लाइंस थाना प्रभारी डॉ. रविश सामरिया और अन्य की टीम गठित (common team) की गई।
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जहां मौका वहीं वारदात..
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छारसा थाना मनोहरपुरा जयपुर निवासी अविनाश पुत्र धन्नालाल मीणा और श्यामपुरा थाना विराटनगर निवासी मामराज पुत्र राधेश्याम धानका को पुलिस ने गिरफ्तार (police arrest) किया है। मुख्य सरगना अविनाश और उसका साथ मामराज जहां मौका मिले वहीं ठगी करने में माहिर हैं। वे 10 साल से नकली पुलिसकर्मी बनकर राहगीरों (innocent peoples) के साथ ठगी कर रहे हैं।
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दोनों असली-नकली नोट (currency checking) की जांच करने, नाम पूछकर हस्ताक्षर करने और लिफाफे में अखबार के टुकड़े थमाने की वारदात अंजाम देते हैं। साथ ही मौके से फरार (abscond) हो जाते हैं। अब तक इन्होंने जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बिजयनगर, किशनगढ़ और अन्य शहरों में ठगी की है।
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यह कबूली वारदात
24 अक्टूबर-जोधपुर में 3 हजार रुपए की ठगी
25 अक्टूबर-जोधपुर में 5 हजार रुपए की ठगी
26 अक्टूबर-ब्यावर में 3 हजार रुपए की ठगी