
ब्यावर नगर परिषद कार्यालय में बैठक कर रोष जताते सफाई कर्मचारी
अजमेर. महंगाई के इस जमाने में हर माह वेतन (salerey) नहीं मिले तो घर-परिवार की क्या स्थिति होगी,अंदाजा लगाया जा सकता है। स्थाई कर्मचारियों को तो महीना पूरा होते ही पगार (salerey) मिल जाती है, लेकिन दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के साथ ऐसा नहीं है। जिले के पुष्कर, अजमेर, केकड़ी, किशनगढ़ और सरवाड़ की स्थानीय निकाय के सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा। इनमें से कुछ ठेका प्रथा के कर्मचारी हैं तो अधिकतर अस्थाई।
ब्यावर (beawar) नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों को तो एक,दो व तीन नहीं,बल्कि आठ माह (eight months) से वेतन नहीं मिल रहा। ऐसे में आशंका है कि क्या दीपावली (dipawali) भी फीकी मनेगी। दीपोत्सव के महज 20 दिन (twenty dar) बचे हैं। इससे गुस्साए सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को ब्यावर नगर परिषद कार्यालय जाकर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
वेतन नहीं मिलने की वजह परिषद के खजाने में पैसा नहीं होना बताते हैं। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों को गत आठ माह से वेतन नहीं मिला है। नाराज सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को बैठक कर विरोध तेज करने का निर्णय किया। आयुक्त को ज्ञापन देकर बकाया भुगतान व सातवें वेतन आयोग के एरियर का भुगतान की मांग (dimand) की।
ब्यावर नगर परिषद के सफाई कर्मचारी पिछले आठ माह से वेतन भुगतान की मांग कर रहे हैं। भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। बुधवार को सफाईकर्मियों ने आयुक्त से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया। बाद में आयुक्त ने बकाया राशि का जल्द भुगतान करवाने का आश्वासन दिया।
वेतन व एरियर का करना होगा भुगतान (payment)
नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों को वेतन का भुगतान करने के लिए करीब एक करोड़ 41 लाख रुपए के बजट की आवश्यकता है, जबकि एरियर भुगतान के लिए करीब पचास लाख के बजट की आवश्यकता है। परिषद की माली हालत एेसी नहीं है कि कर्मचारियों को इस राशि का भुगतान किया जा सके। एेसे में परिषद प्रशासन बकाया वेतन व एरियर का भुगतान किश्तों में करने पर विचार कर रहा है।
दीपावली (dipawali) से पहले भुगतान के प्रयास
इसके अलावा सेवानिवृत कर्मचारियों की राशि चुकानी भी शेष है। बजट के अभाव में उनका भुगतान भी अटका हुआ है। ब्यावर नगर परिषद (beawar nagar parishad) के आयुक्त राजेन्द्रसिंह की मानें तो दीपावली से पहले समस्या का निस्तारण कर दिया जाएगा। सफाई कर्मचारियों के बकाया भुगतान की वजह बजट का अभाव है।
Published on:
10 Oct 2019 07:04 am
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