26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Big issue: दुनिया के सबसे पुराने हैं यह पहाड़, इसको लगातार खतरा पहुंचा रहे लोग

www.patrika.com/rajasthan-news
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

raktim tiwari

•

Updated: 13 Oct 2018, 9:27 AM IST

danger on aravalli

danger on aravalli

अजमेर.

अजयनगर से सोमलपुर की तरफ जा रही सडक़ पर पहाड़ी काट कर अवैध कॉलोनियां बसाई जा रही है। पिछले काफी अरसे से यहां जेसीबी सहित ब्लास्टिंग कर पहाड़ी का बड़ा हिस्सा समतल कर दिया गया है। अतिक्रमियों ने यहां काफी मकान भी बना लिए हैं। इस क्षेत्र में सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर भूखंड काटने की तैयारी शुरू भी हो गई है।

अजयनगर स्थित लोहार बस्ती के सामने सोमलपुर रोड पर पहाड़ी की तलहटी पर सैकड़ों बीघा जमीन पिछले कई वर्षों से खाली पड़ी थी। आसपास के क्षेत्रों में कॉलोनियां बसने के बाद अतिक्रमियों की नजर इस जमीन पर पड़ी और धीरे धीरे कब्जे शुरू हो गए। खाली जमीन पर भूखंड कटने और कुछ मकान बनने के बाद अतिक्रमियों ने पहाड़ी को ही काटना शुरू कर दिया। यहां सुबह शाम जेसीबी और ब्लास्टिंग के जरिए पहाड़ी का काफी हिस्सा समतल किया जा चुका है।

शिकायत अनसुनी
अजयनगर वार्ड 21 के पार्षद मोहनलाल लालवानी ने अपने क्षेत्र में हो रहे इस अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर, नगर निगम, एडीए और वनविभाग के अधिकारियों से मिलकर बाकायदा लिखित शिकायत दी। उन्होंने पहाड़ी काट कर अवैध कॉलोनियां बसाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

प्रशासन ने पूर्व में मांगे थे दावे

दरअसल इस खाली जमीन का पिछले काफी समय से कोई धणी धोरी नजर नहीं आया था। क्षेत्रवासियों की नजरों में पहाड़ी से लगती यह जमीन सरकारी मानी जाती थी। जनवरी 2018 में क्षेत्रवासियों की पेयजल समस्या समाधान के लिए यहां पानी की टंकी बनाने का प्रस्ताव पास हुआ। जमीन के मालिकाना हक को लेकर प्रशासन ने सार्वजनिक सूचना जारी की एवं वार्ड सभा का भी आयोजन किया लेकिन कोई भी दावेदार सामने नहीं आया। उसके बाद से ही इस जमीन पर कब्जों का सिलसिला शुरू हो गया। अतिक्रमियों ने यहां स्थित प्राचीन जल स्रोत फूटी बावड़ी को भी पाट दिया।

पहाड़ी से लगती लगभग 333 बीघा जमीन है जिस के अधिकांश हिस्से पर अवैध कब्जे शुरू हो गए हैं। अतिक्रमियों ने पहाड़ी का काफी हिस्सा काटकर समतल कर दिया है और यहां भूखंड काटे जा रहे हैं। अवैध कब्जों की शिकायत संभागीय आयुक्त सहित उच्च अधिकारियों व वन विभाग से भी की है लेकिन पहाड़ी काटने का सिलसिला अब भी जारी है।
-मोहनलाल लालवानी, क्षेत्रीय पार्षद

बड़ी खबरें

View All

अजमेर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग