
road jam in ajmer
अजमेर.
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कायड़ विश्राम स्थली में हुई सभा में सुरक्षा व्यवस्था तो चौकचौबंद नजर आई, लेकिन सभा समाप्त होने के बाद यातायात व्यवस्था चरमरा गई। इससे राज्य सरकार, अजमेर के जिला प्रशासन और पुलिस को सबक लेना चाहिए।
जहां सभास्थल तक पहुंचने के लिए आमजन को खासी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं वापसी में जाम में खास और आम फंस गए। यातायात सामान्य होने में दो घंटे से भी ज्यादा वक्त लग गया। भविष्य में अजमेर में इस तरह के कार्यक्रमों से पहले सरकार और पुलिस को जबरदस्त इंतजाम करने होंगे, वरना स्थिति ज्यादा खराब हो सकती है।
एसपीजी और आईबी ने विश्राम स्थली में बने सभागार में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे थे। वहीं सभास्थल के बाहर हैलीपेड से विश्राम स्थली के चहुंओर पुलिस महानिरीक्षक (अजमेर रेंज) बीजू जॉर्ज जोसफ व एसपी राजेश सिंह पेट्रोलिंग करते रहे।
जिला पुलिस ने हैलीपेड के चारों तरफ आरएसी के जवान व हाड़ीरानी बटालियन की महिला कांस्टेबल को तैनात कर रखा था। इसके अलावा विश्राम स्थली के प्रवेशद्वार पर जिला पुलिस के साथ बाहर से आए जाप्ते ने सुरक्षा व्यवस्था को संभाला।
लगा तीन किलोमीटर का जाम
पीएम मोदी के रवाना होते ही विश्राम स्थली कुछ मिनट में खाली हो गई थी। देखते ही देखते विश्रामस्थली के मार्ग में जाम नजर आया। इसी दौरान मंत्रियों के वाहन भी जाम में बुरी तरह फंस गए। इधर बाहर से आए कार्यकर्ताओं की बसों की कतार के वाहनों की कतार राजमार्ग पर दिखी। जयपुर और ब्यावर की तरफ जाने वालों को घंटे जाम में इंतजार करना पड़ा। यातायात पुलिस भी जाम में बेबस नजर आई। पुलिस के पास जाम को सामान्य कराने का कोई त्वरित फार्मूला भी नहीं था।
वीआईपी पास को लेकर चक्कर
पीएम मोदी की सभा से पहले सबसे ज्यादा वीआईपी पास को लेकर प्रदेशभर से आए पदाधिकारियों को चक्कर लगाने पड़े। गेट नम्बर 12 केवल मंत्रियों के प्रवेश के लिए आरक्षित था लेकिन प्रदेशभर से आए कद्दावर नेता व उनके साथ आए जिले के पदाधिकारी भी वीआईपी गेट पर पहुंच गए लेकिन यहां तैनात पुलिसकर्मियों ने साथ आए पदाधिकारियों को बिना कार्ड प्रवेश से रोक दिया। यही हाल गेट नम्बर 11 का था। हालांकि पार्टी के कुछ पदाधिकारी यहां पहले से कार्ड लेकर तैयार खड़े थे।
भीड़ बढ़ती तो रास्ते बाधित
अजमेर के बाहर की भीड़ पहुंची लेकिन रास्ते पर जाम के हालात बन गए थे। पुलिस ने वीआईपी मार्ग से आमजन को प्रवेश दे दिया लेकिन विश्राम स्थली के मोड पर लगे बेरिकेड्स लगे थे। इससे रास्ता बाधित रहा। हालांकि यहां तैनात पुलिस अधिकारियों ने डंडे हटाकर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली। भविष्य में ऐसी सभाओं के लिए जिला प्रशासन और पुलिस को जबरदस्त प्लानिंग करनी जरूरी होगी।
Published on:
12 Oct 2018 08:52 am
