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Big question: सरकार को नहीं महिलाओं पर नहीं विश्वास, अब तक नहीं बैठाया इस अहम पद पर

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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 26 Sep 2018, 8:50 AM IST

rpsc chairman post

rpsc chairman post

अजमेर.

प्रदेश में महिलाएं राज्यपाल, सरकार की मुखिया और विधानसभाध्यक्ष तक पहुंची पर राजस्थान लोक सेवा आयोग इस मालमे में पिछड़ा है। यहां 69 साल में सरकार ने कभी महिला को अध्यक्ष पद की कमान सौंपना मुनासिब नहीं समझा है। ऐसा तब है कि आजादी के बाद महिलाओं की साक्षरता दर 60 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद सरकार आयोग में महिलाओं को अध्यक्ष बनाने में हिचक रही हैं।

आजादी के बाद प्रदेश में वर्ष 1949 में राजस्थान लोक सेवा आयोग सेवा का गठन हुआ। साथ ही इसका कार्य निर्धारण राजस्थान लोक सेवा आयोग नियम एवं शर्तें 1963, राजस्थान लोक सेवा आयोग ( शर्तें एवं प्रक्रिया का मान्यकरण अध्यादेश -1975, नियम-1976) के तहत हुआ है। तत्कालीन सरकार ने डॉ. एस. के. घोष को 1 अप्रेल 1949 को इसका प्रथम अध्यक्ष नियुक्त किया। वे 27 जुलाई 1950 तक इस पद पर रहे। उनके बाद आयोग को 30 अध्यक्ष मिल चुके हैं। इनमें स्थाई और कार्यवाहक शामिल हैं।

नहीं मिली कोई महिला अध्यक्ष

राजस्थान लोक सेवा आयोग को 69 साल में कोई महिला अध्यक्ष नहीं मिली है। जबकि इस दौरान महिला राज्यपाल, विधानसभाध्यक्ष, सरकार की मुखिया, केबिनेट और राज्य मंत्री, विश्वविद्यालयों की कुलपति, कॉलेज-स्कूल की प्राचार्य और अन्य सर्वोच्च पदों पर पहुंच चुकी हैं। ना कांग्रेस और ना भाजपा सरकार ने आयोग की कमान किसी महिला के हाथों सौंपना मुनासिब समझा। सरकार किसी महिला को अध्यक्ष बनाने में हिचक रही है। संभवत: आयोग में भर्तियों का काम पेचीदा और समस्याओं वाला होने से सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।

केवल दो महिलाएं बनी सदस्य
सरकार ने आयोग में महिलाओं को सदस्य बनाने में भी ज्यादा तवज्जो नहीं दी है। अब तक केवल दो महिलाएं सदस्य बनी हैं। इनमें पहली सदस्य कांता कथूरिया 22 दिसम्बर 1989 से 23 अप्रेल 1995 तक रहीं। इसके बाद राजकुमारी गुर्जर को दूसरी महिला सदस्य बनने का अवसर मिला। इन्हें सरकार ने 7 दिसम्बर 2016 को आयोग में सदस्य नियुक्त किया है।

अब तक पुरुष ही रहे आयोग अध्यक्ष

एस. सी. त्रिपाठी, डी. एस. तिवारी, एम.एम. वर्मा, एल.एल. जोशी, वी. वी. नार्लिकर, आर. सी. चौधरी, बी. डी. माथुर, आर. एस. कपूर, मोहम्मद याकूब, एच. डी. गुप्ता, आर. एस. चौहान, एस. अडियप्पा, दीनदयाल, जे. एम. खान, एस. सी. सिंगारिया, यतींद्र सिंह, हनुमान प्रसाद, पी. एस. यादव, देवेंद्र सिंह, एन. के. बैरवा, जी. एस. टाक, एच. एन. मीना, सी. आर. चौधरी, एम. एल. कुमावत, प्रो. बी. एम. शर्मा, डॉ. हबीब खान गौरान, डॉ. आर.डी. सैनी, डॉ. ललित के पंवार, श्याम सुंदर शर्मा, डॉ. राधेश्याम गर्ग और दीपक उप्रेती

यूं बनता है पूरा आयोग

राजस्थान लोक सेवा आयोग में 1 अध्यक्ष और सात सदस्य होते हैं। इसे फुल कमीशन कहा जाता है। आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं के परिणाम, भर्तियों से जुड़े नियम, किसी परीक्षा या साक्षात्कार को स्थगित करने के फैसले फुल कमीशन की बैठक में होते हैं।