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सोशल मीडिया पर नाबालिग लड़की का पोर्न वीडियो अपलोड करना पड़ा भारी

सोशल मीडिया पर नाबालिग लड़की का पोर्न वीडियो अपलोड करना एक युवक को भारी पड़ा। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ आईटी एक्ट में प्रकरण दर्ज किया है।

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Boy Uploaded Obscene Video On Social Media, Police Arrested

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
सोशल मीडिया पर नाबालिग लड़की का पोर्न वीडियो अपलोड करना एक युवक को भारी पड़ा। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ आईटी एक्ट में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अनुसंधान में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल भी कर लिया।

पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है। पुलिस के अनुसार एनसीआरबी ने एक रिपोर्ट के साथ डीवीडी भेजी। रिपोर्ट में बताया कि डीवीडी में जिस विदेशी नाबालिग की अश्लील वीडियो भेजी गई है उसको सोशल मीडिया के मैसेन्जर पर अपलोड किया गया है। एनसीआरपी की रिपोर्ट पर सिविल लाइंस थाने के उपनिरीक्षक हनुमानसिंह ने जांच करते हुए पाया कि वीडियो अपलोड करने में मोबाइल नेट का इस्तेमाल किया गया है। मोबाइल फोन में इस्तेमाल सिमकार्ड धारक बिहार फार्रुखाबाद मोहम्मदाबाद हाल लोहाखान जेलरवाली गली हिना बानो का मकान निवासी विजय परिहार द्वारा किया जाना सामने आया है। मोबाइल नम्बर से राज ठाकुर नाम से एफबी आइडी संचालित की जा रही थी। पुलिस ने प्रकरण में विजय परिहार के संबंध में सूचना संकलित की गई। पुलिस पडताल में आया कि विजय परिहार पोर्न वीडियो देखने का शौकीन है और वह इन गतिविधियां भी सिप्त है। आरोपी राज ठाकुर आइडी का इस्तेमाल भी मैसेन्जर पर पोर्नोग्राफी वीडियो अपलोड करने के लिए किया है। पुलिस ने मैसेंजर के माध्यम से पोर्नोग्राफी अपलोड करने के आरोप में आरोपी के खिलाफ आइटी एक्ट की धारा 67डी का मुकदमा दर्जकर अनुसंधान शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर फेक आइडी बनाकर नाबालिग की अश्लील फोटो वायरल करने वाला भी नाबालिग निकला।

मुम्बई के रहने वाले किशोर ने किशोरी की ओर से बात नहीं करने पर गुस्से में उससे बदला लेने के लिए फेक आइडी बनाकर अश्लील फोटो अपलोड कर दी। पुलिस किशोर को पूछताछ के लिए अजमेर लेकर आई। पूछताछ के बाद उसको बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। जहां से उसको बाल सुधार गृह भेज दिया। सीओ उत्तर छवि शर्मा के मुताबिक कोविड संक्रमण काल में ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान किशोर-किशोरी एक दूसरे के सम्पर्क में आए। इसके बाद मैसेज से बातचीत करने लगे। फिर किशोरी ने उसे ब्लॉक कर दिया जिससे दोनों की बातचीत बंद हो गई। बातचीत बंद होने से नाराज किशोर ने सोशल मीडिया के दो प्लेटफार्म पर फर्जी आइडी बनाकर किशोरी की फोटो को एडिट कर वायरल कर दी। उसने उसके परिचित व परिजन को भी भेज दी। मामला सामने आने पर पुलिस ने किशोर को डिटेन कर लिया। पूछताछ में उसने सच कबूल लिया। पूछताछ के बाद उसे बाल सुधार गृह भेज दिया।