
अजमेर। कार का बिगड़ा संतुलन और संभलते, इससे पहले ही आग की लपटों से कार घिर गई। युवकों की चीत्कारें शुरू हुई लेकिन बेबस हो गए। दो युवकों की बचाओ.. बचाओ... की आवाज कुछ देर में मंद पड़ गई। कुछ ही पल पहले आपस में हंसी ठिठोली करने वाले युवकों के शरीर कंकाल में तब्दील हो गए।
अजमेर के सीकर रोड पर कार को धधकते देख प्रत्यक्षदर्शी भी लाचार नजर आए। कार में से तीन युवकों को निकालने के दौरान पास खड़े युवकों के आंसू छलक पड़े। एक युवक ने कार के पास पहुंच कर देखा कि ड्राइवर सीट पर बैठे युवक का शरीर बुरी तरह से जल चुका है। बाहर खड़ा युवक आसपास खड़े लोगों को उलाहना देता मिला कि सामने देखते-देखते युवक जल गए.. । कोई आग बुझाने के लिए सिलेण्डर लेने दौड़ा तो कोई कार में लगे गैस किट व टंकी के ब्लास्ट होने की आशंका जताते हुए उन्हें जलती कार से दूर करने को आवाज देता रहा।
पल भर में बिखर गई खुशियां...
कार में सवार होकर रवाना हुए युवकों को यह भी नहीं पता कि अगले ही पल उनके साथ क्या होने वाला है? खुशी-खुशी रवाना हुए तीन दोस्त हमेशा के लिए जुदा हो गए।
नहीं मिला बाहर निकलने का मौका
ड्राइवर सीट पर बैठा युवक और पीछे की सीट पर बैठा युवक बाहर नहीं निकल पाए। आसपास खड़े लोगों के प्रयास के बावजूद उनकी जान नहीं बच पाई।
पता ही नहीं चला कि कार में कितने सवार हैं
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आग की लपटें इतनी तेज थी किं पता ही नहीं चला कार में कितने और युवक बैठे हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी युवक ने कार के पास पहुंच कर बताया कि कार में दो युवक जिन्दा जल रहे हैं।
यह बने मददगार
लोहाखान निवासी श्याम सिंह राठौड़ कार को जलता देखकर तुरन्त दौड़े। उन्होंने लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला। लोगों ने डंडों-लोहे की रॉड से कार के कांच तोड़े। राठौड़ अपनी कार में घायल युवकों को लेकर नेहरू अस्पताल गए। उनके साथ स्थानीय लोगों ने भी सहायता की। पांचों युवकों के मोबाइल भी हादसे में जल गए।
यह पहुंचे अस्पताल
क्रिश्चियनगंज थाना प्रभारी रविंद्र सिंह खींची, कोतवाली थाना पुलिस भी नेहरू अस्पताल पहुंची। नेहरू अस्पताल के रेजीडेंट और चिकित्सकों ने घायलों को संभाला।
Published on:
17 Dec 2023 02:43 pm
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